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तेरा बाप आया

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लड़की- लड़के के गले लगकर बोली... "कुछ ऐसा कहो की मेरा दिल जोरो से धड़क जाए" लड़का- "ऐसे ही खड़ी रह चुपचाप...पीछे तेरा बाप खड़ा है..." दिल धडका  नहीं बाहर आ गया 😄😄😄😄

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लेखक के बारे में
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प्रवीन

मेरे ऊपर बस एक अहसान करना मेरे सुपर फैन मत बनना 🙏🏻 यह नाटक मुझे कम समझ आता है.. पढ़ो ओर समीक्षा दो बस मेरा ओर आपका इतना ही रिस्ता अच्छा लगेगा 🙏🏻 बुरा न माने..। ISBN : 978-81-908310-4-8 Registered in : 2010 Published Books - जिंदगी एक संघर्ष (2010), रविंद्र नाथ टैगोर की कहानीयां (संकलन)(2012), पंडित जय शंकर प्रसाद के किस्से (संकलन) (2015) ना अहम, ना वहम । गलत को गलत कहता हूँ। दुनिया को खुश रखने के लिये मै गलत को सही नही बता सकता, बस यही कारण है मै अकेला रह जाता हूंँ। साथ रहने की किमत झूठ बोल कर खुश रहना है तो मैं अकेला ही अच्छा हूँ। मुद्दे उठाना मेरा काम है राष्ट्रवादी हूँ किसी भी पार्टी का पालतू 🐕‍🦺 नहीं । अभिव्यक्ति की आजादी का सदुपयोग करता हूँ और सिखाता हूँ। मेरे लिखने पर मेरी मात्राओं पर मत जाना क्योंकि मैं शब्दों से नहीं अरमानों से लिखा करता हूँ । इसलिए आप मात्रा वाले हो तो अपनी मात्रा नहीं मिल सकती सिर्फ दिल वाले आना मेरी गली। प्रार्थना में याद रखना ❤️💞🌹

समीक्षा
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  • author
    Surjeeta Rathi🧿🚩
    28 जुलाई 2023
    👏🏻👏🏻👏🏻👏🏻👏🏻😆😆🙏🏼
  • author
    Priyanka Nigam "Pihu"
    28 जुलाई 2023
    😂😂😂😂😂
  • author
    neha sharma
    28 जुलाई 2023
    😝😝😝😝🤣🤣🤣🤣🤣🤣
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    Surjeeta Rathi🧿🚩
    28 जुलाई 2023
    👏🏻👏🏻👏🏻👏🏻👏🏻😆😆🙏🏼
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    Priyanka Nigam "Pihu"
    28 जुलाई 2023
    😂😂😂😂😂
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    neha sharma
    28 जुलाई 2023
    😝😝😝😝🤣🤣🤣🤣🤣🤣