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सुनील चतुर्वेदी का उपन्यास ‘गाफिल’ राजनारायण बोहरे

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सुनील चतुर्वेदी जब भी नया उपन्यास लेकर आते हैं उनके पास सर्वथा एक नया विषय होता है और उसका ट्रीटमेंट भी एकदम नया होता है। उनके टूल्स भी सर्वथा अलग होते हैं। साहित्यिक बातचीत में  सुनील जी खुुद को ...

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लेखक के बारे में

राजनारायण बोहरे जन्म-20 सितम्बर ★ शिक्षा-हिन्दी में स्नातकोत्तर, विधि एवम पत्रकारिता में स्नातक ¶ प्रकाशन - कहानी संग्रह: इज़्ज़त-आबरू, गोस्टा तथा अन्य कहानियाँ, हादसा , मेरी प्रिय कथाएँ,हल्ला● उपन्यास : मुखबिर, अस्थान,आड़ा वक्त● एवं अंतरिक्ष में डायनासौर, जादूगर जंकाल और सोनपरी, रानी का प्रेत, सुनसान इमारत (बाल उपन्यास) ● बाल कहानी संग्रह : आर्यावर्त की रोचक कथाएँ● पुरस्कार- मध्यप्रदेश हिन्दी साहित्य सम्मेलन भोपाल का "वागीश्वरी पुरस्कार" ★ साहित्य अकादेमी (मप्र संस्कृति परिषद, मप्र शासन ) का "सुभद्राकुमारी चौहान पुरस्कार" ★ विशेष- बाल उपन्यास अंतरिक्ष में डायनासौर का अंग्रेजी अनुवाद -Dinosaurs in space ◆ सम्प्रति- असिस्टेंट कमिश्नर जीएसटी से स्वेच्छा से सेवा निवृति बाद लेखन® सम्पर्क- एल आय जी 19, ओल्ड हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी, दतिया मध्यप्रदेश 475661 ∆ मोबाइल: 98266_89939 E-mail: [email protected] ©©©

समीक्षा
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  • कुल टिप्पणी
  • author
    Padma Sharma
    01 जून 2020
    गाफिल को यूँ पढ़ने की नजर राजनारायण बोहरे जी ने दी कि अब उपन्यास पढ़ना ही होगा
  • author
    श्री हरि
    27 मई 2020
    बहुत सुंदर समीक्षा। शानदार
  • author
    कविता वर्मा
    27 मई 2020
    अच्छे उपन्यास की बढ़िया समीक्षा
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  • author
    Padma Sharma
    01 जून 2020
    गाफिल को यूँ पढ़ने की नजर राजनारायण बोहरे जी ने दी कि अब उपन्यास पढ़ना ही होगा
  • author
    श्री हरि
    27 मई 2020
    बहुत सुंदर समीक्षा। शानदार
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    कविता वर्मा
    27 मई 2020
    अच्छे उपन्यास की बढ़िया समीक्षा