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सुकून

4.5
11445

(1)) "क्या जरूर थी माँ तुम्हे कामवाली को 1000 रुपये देने की ??? " "वो मै ...मै वो .... "रहने दो तुम जब देखो पैसे लुटाती रहती हो !!!....." ये कह कर अयांश बाहर निकल गया... अब बेबस माँ किसे कहती और ...

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लेखक के बारे में
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नियति Sharma

I want to be a part of every story... so I live my characters and .. It makes me Feel different :)

समीक्षा
  • author
    आपकी रेटिंग

  • कुल टिप्पणी
  • author
    Kusum Kothari
    07 दिसम्बर 2018
    मानवीय संवेदनाओं से ओतप्रोत लघु कथा
  • author
    Vivek Kumar Rajput
    30 अक्टूबर 2019
    छोटी, मगर दिल की गहराई तक पहुंचने वाली रचना
  • author
    19 फ़रवरी 2019
    सामाजिक जीवन की सुरक्षा से प्राप्त सकून।
  • author
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  • author
    Kusum Kothari
    07 दिसम्बर 2018
    मानवीय संवेदनाओं से ओतप्रोत लघु कथा
  • author
    Vivek Kumar Rajput
    30 अक्टूबर 2019
    छोटी, मगर दिल की गहराई तक पहुंचने वाली रचना
  • author
    19 फ़रवरी 2019
    सामाजिक जीवन की सुरक्षा से प्राप्त सकून।