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सुकून

4.2
4506

फरवरी माह की हल्की हल्की ठंड थी। ऐसे मे धूप का मजा सबको भाता है एक सुकून सा देता है। सीलन व अंधेरे कमरे मे बैढना जहां बुरा लगता है वही सर्दी मे उजाले भरी धूप जैसे आकाश मे सोना सा चमक रहा हो ऐसा ...

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लेखक के बारे में

मन में उठने वाली पीड़ा कब कहानी बनकर बाहर आ जाती है।समाज में घटित घटनाएं मन को अवसाद देती है।समाज के लिये उपयोगी व ज्ञानवधक लिखना सूकुन देता है।अपने मन से निकले भाव कविता का रुप ले लेते हैं।अच्छी कसावदार व सच्चाई से ओतप्रोत रचना लिखूं ऐसा मेरा प्रयास है।

समीक्षा
  • author
    आपकी रेटिंग

  • कुल टिप्पणी
  • author
    प्रिया गर्ग
    10 जुलाई 2018
    कहानी की विषयवस्तु सटीक है परंतु लेखन और भाव कमज़ोर प्रतीत हुआ। ऐसा लग जैसे कहानी जितने सुकून और इत्मिनान से शुरू की गई उतनी ही जल्दी में ख़त्म कर दी गई। पात्र और घटनाएँ स्थिर नहीं हो पाए बस जल्दी से आये और चले गए जिसके कारण कहानी भी जहन से जल्दी ही चली जाती है। माफ़ कीजिएगा यदि मेरी बात बुरा लगे तो।
  • author
    Pallavi Sharma
    06 मार्च 2021
    विचारो में बदलाव की जरूरत है अब बेटी की शादी करना ही जीवन का उद्देश्य नहीं होना चाहिए। वे जो करे बस खुश रहे । चाहे ससुराल में रहे या नाकाम शादी के बाद अपनी मां के साथ।
  • author
    Pushplata Kushwaha
    19 अप्रैल 2019
    It is a Good story, but most people are selfish we can't expect good behaviour from a brother if we expect gift from him.Father himself should give to daughter from parental property
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    प्रिया गर्ग
    10 जुलाई 2018
    कहानी की विषयवस्तु सटीक है परंतु लेखन और भाव कमज़ोर प्रतीत हुआ। ऐसा लग जैसे कहानी जितने सुकून और इत्मिनान से शुरू की गई उतनी ही जल्दी में ख़त्म कर दी गई। पात्र और घटनाएँ स्थिर नहीं हो पाए बस जल्दी से आये और चले गए जिसके कारण कहानी भी जहन से जल्दी ही चली जाती है। माफ़ कीजिएगा यदि मेरी बात बुरा लगे तो।
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    Pallavi Sharma
    06 मार्च 2021
    विचारो में बदलाव की जरूरत है अब बेटी की शादी करना ही जीवन का उद्देश्य नहीं होना चाहिए। वे जो करे बस खुश रहे । चाहे ससुराल में रहे या नाकाम शादी के बाद अपनी मां के साथ।
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    Pushplata Kushwaha
    19 अप्रैल 2019
    It is a Good story, but most people are selfish we can't expect good behaviour from a brother if we expect gift from him.Father himself should give to daughter from parental property