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सुख चाहे तो यों पाएं

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*जीवन में "दुःख", "शोक" और "संघर्षों" का आना स्वाभविक है,* इससे कोई भी जीवधारी नहीं बच सकता । *"सुख"-"दुःख"* मानव जीवन के दो समान पहलू हैं ,  *"सुख"* के बाद *"दुःख* और *"दुःख’"* के बाद *"सुख"* ...

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लेखक के बारे में
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Vidya
समीक्षा
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  • कुल टिप्पणी
  • author
    Shashi Mahajan
    26 अगस्त 2022
    nice
  • author
    Preeti Kushwaha
    27 अगस्त 2022
    बहुत बहुत सुन्दर 🖊✍️✍️👌👌👌👌👌👌👌👌👌👌👌❤❤💛💛💛💛💓💓💓💓💓💓🌟🌟🌟🌟🌟🌟🌟🌟🌟🌟🌟🌟🌟🌟🌟🌟🌟🌟🌟🌟🌟🌟🌟🌟🌟🌟🌟🌟🌟🌟🌟🌟🌟🌟🌟🌟🌟🌟🌟🌟🌟🌟🌟💗💗💗💗💗💗💗💗💗💗💗💗💗💗💗💗
  • author
    मन्नू
    26 अगस्त 2022
    बहुत सुन्दर अभिव्यक्ति
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  • author
    Shashi Mahajan
    26 अगस्त 2022
    nice
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    Preeti Kushwaha
    27 अगस्त 2022
    बहुत बहुत सुन्दर 🖊✍️✍️👌👌👌👌👌👌👌👌👌👌👌❤❤💛💛💛💛💓💓💓💓💓💓🌟🌟🌟🌟🌟🌟🌟🌟🌟🌟🌟🌟🌟🌟🌟🌟🌟🌟🌟🌟🌟🌟🌟🌟🌟🌟🌟🌟🌟🌟🌟🌟🌟🌟🌟🌟🌟🌟🌟🌟🌟🌟🌟💗💗💗💗💗💗💗💗💗💗💗💗💗💗💗💗
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    मन्नू
    26 अगस्त 2022
    बहुत सुन्दर अभिव्यक्ति