
प्रतिलिपिश्रीलाल शुक्ल: मुझे महान मान लो परंतु बनाओ मत राजीव आनंद श्रीलाल शुक्ल कहा करते थे कि आप मुझे महान मान लो परंतु बनाओ मत। इसलिए इस स्मृति लेख में श्रीलाल जी को महान कहने का प्रयास मैंने नहीं किया है। यद्यपि बकौल रेणु उनकी बातें बोलेंगी मैं नहीं। यह सर्वविदित है कि श्रीलाल शुक्ल अगुढ़ जीवंत व्यंग्यकार थें, उतर प्रदेश सरकार में शुक्ल जी पीसीएस अफसर रहे और बाद में आइएएस भी बने परंतु शुक्ल जी की सबसे बड़ी विशेषता थी कि लेखकों के बीच में वे कभी भी अफसर नहीं लगे। शुक्ल जी 25 उपन्यासों से ज्यादा लिखा...
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