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शिकायत

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एक बार दे दो दीदार कन्हैया, दर्शन के प्यासे रहते हैं। यह नयन तुम्हारी राह तकते, दुख को सहन कर बहते हैं।। यह नश्वर तन भी तुमने दिया , फिर क्यों इस से पाप करवाते हो। इन पापों का बोझ उठवा कर, क्यों इस ...

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लेखक के बारे में
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Sarika Sharma

हरि भक्तो मे छोटी सी दास, लिखने का करती हूँ प्रयास। हरि भक्ति को लिखना चाहूँ, पग -पग आगे बढ़ती जाऊँ।। मुझे अपनी बहन से कविताएँ व कहानियाँ लिखने की प्रेरणा मिली। मुझे उम्मीद है कि आपको मेरा लेखन पसंद आएगा।

समीक्षा
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    UMA SHARMA "अर्तिका"
    01 जुलाई 2023
    बिल्कुल सही कहा आपने,, प्रभु का सिमरन हम करते हुए जीवन में सत्कर्म करते रहे,,! और हम प्रभु को कभी नहीं भूले,,, बहुत ही सारगर्भित और सार्थक अभिव्यक्ति 👌👌👌 सुन्दर प्रस्तुति 🌹🌹🌹🌹🌹🌹 जय श्री राधे कृष्णा जी 🙏
  • author
    01 जुलाई 2023
    पुण्यपाप के बंधन से मुक्त करो तुम हे कान्हा गीता का ज्ञान दिया कौन्तेय को बैसा ही ज्ञान दो कान्हा... बेहद भावपूर्ण भावोक्ति .. जय हो कान्हा की 🌹🌹👌👌
  • author
    Seema Garg
    01 जुलाई 2023
    अति उत्तम अभिव्यक्ति आपकी सराहनीय एवं प्रशंसनीय लेखन हार्दिक बधाई आपको 🙏❤️❤️❤️🙏👌
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    UMA SHARMA "अर्तिका"
    01 जुलाई 2023
    बिल्कुल सही कहा आपने,, प्रभु का सिमरन हम करते हुए जीवन में सत्कर्म करते रहे,,! और हम प्रभु को कभी नहीं भूले,,, बहुत ही सारगर्भित और सार्थक अभिव्यक्ति 👌👌👌 सुन्दर प्रस्तुति 🌹🌹🌹🌹🌹🌹 जय श्री राधे कृष्णा जी 🙏
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    01 जुलाई 2023
    पुण्यपाप के बंधन से मुक्त करो तुम हे कान्हा गीता का ज्ञान दिया कौन्तेय को बैसा ही ज्ञान दो कान्हा... बेहद भावपूर्ण भावोक्ति .. जय हो कान्हा की 🌹🌹👌👌
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    Seema Garg
    01 जुलाई 2023
    अति उत्तम अभिव्यक्ति आपकी सराहनीय एवं प्रशंसनीय लेखन हार्दिक बधाई आपको 🙏❤️❤️❤️🙏👌