कुछ शब्द छुप कर वार करते हैं...और घायल होने के बाद उन पर ध्यान जाता है. ‘शायद’...तीन अक्षर का... बेमतलब का... अर्थहीन... व्यर्थ का शब्द. मगर आप सबको आगाह कर दूँ कि इसकी मार बहुत जबर्दस्त होती है. ...

प्रतिलिपिकुछ शब्द छुप कर वार करते हैं...और घायल होने के बाद उन पर ध्यान जाता है. ‘शायद’...तीन अक्षर का... बेमतलब का... अर्थहीन... व्यर्थ का शब्द. मगर आप सबको आगाह कर दूँ कि इसकी मार बहुत जबर्दस्त होती है. ...