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शादी

3.6
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यार रौशन कालेज की सबसे खूबसूरत लड़की भी तुझ पर जान छिड़कती थी फिर एक साधारण लडकी जो तुझसे 19 भी नहीं उससे शादी कर ली- रौशन का दोस्त सन्नी ने आश्चर्य से पूछा। यार सन्नी तू नहीं समझेगा- रौशन का बडा...

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लेखक के बारे में
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मंजूषा मन

पिता - प्रभुदयाल खरे माता - ऊषा खरे जन्म - 9 सितम्बर 1973, सागर (मध्य प्रदेश) शिक्षा - समाज कार्य में स्नातकोत्तर (MSW) लेखन - कविता, गीत, ग़ज़ल, मुक्तक, दोहे, छंद, माहिया, कहानी-लघुकथा आदि। प्रकाशन - 1. "मैं सागर सी" हाइकु-ताँका संग्रह, पोएट्री बुक बाजार प्रकाशन लखनऊ साझा संकलन 1. "पीर भरा दरिया" संयुक्त माहिया संग्रह। 2. "कलम के कदम" साझा काव्य संकलन। 3. "सत्यम प्रभात" साझा प्रेरक काव्य संग्रह। 4. "अंतर्मन की खोज" साझा प्रेरक कहानी संग्रह। 5. "आधुनिक हिंदी साहित्य की उत्कृष्ट कविताएं" साझा काव्य संग्रह। 6. "अनवरत" साझा काव्य संकलन। पत्र पत्रिकाएँ- सरस्वती सुमन, साहित्य समीर-दस्तक, अभिनव प्रत्यक्ष, हिंदी चेतना, हरिगंधा, उदयन्ति, वेब पत्रिकाओं जैसे अनुभूति, सहज साहित्य, साहित्य सुधा, हिंदी समय, त्रिवेणी, हिंदी हाइकु, पतंग आदि में प्रकाशन सम्मान - 1. "शब्द निष्ठा सम्मान 2016" कविता के लिए, "आचार्य रतनलाल विद्यानुग अखिल भारतीय प्रतियोगिता" अजमेर, राज. 2. "काव्य कृष्ण सम्मान 2016" पोएट्री बुक बाजार प्रकाशन एवं मौलिक काव्य सृजन द्वारा, दिल्ली में। 3. ''राष्ट्र गौरव सम्मान-२०१७ '' पुस्तक "मैं सागर सी" के लिए "साहित्य समीर दस्तक" भोपाल द्वारा सम्प्रति - कार्यक्रम अधिकारी, अम्बुजा सीमेंट फाउंडेशन (सामुदायिक विकास कार्यक्रम)

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  • author
    Anju Chouhan
    09 मार्च 2018
    y hi soch h boys ki
  • author
    Archana Saraf
    13 दिसम्बर 2019
    ऐसे दोगलेपन ने कहीं न कहीं समाज मे अपनी जगह बनाई हुई है ।
  • author
    हमराझ
    30 अगस्त 2017
    अकलमंदी
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    Anju Chouhan
    09 मार्च 2018
    y hi soch h boys ki
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    Archana Saraf
    13 दिसम्बर 2019
    ऐसे दोगलेपन ने कहीं न कहीं समाज मे अपनी जगह बनाई हुई है ।
  • author
    हमराझ
    30 अगस्त 2017
    अकलमंदी