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एक एहसास

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एहसास : एक मनोभाव, जिस पर किसी का नियंत्रण नहीं| जिसकी परिभाषा मेरी कल्पना व लेखन क्षमता से परे है| मै बस इतना ही समझ पाया हूँ कि “एहसास” एक ऐसा स्त्रोत है जो खुशी, पीड़ा, अच्छा, बुरा, सही, गलत ...

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लेखक के बारे में
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कौशिक

लेखन मेरे लिये मन के भावों को व्यक्त करने का एक जरिया बन गया है| अब तक मैने जो कुछ भी लिखा है वह मेरी देखी, सुनी या महसूसी अनुभूति है| जब भी किसी बात पर मन खुश हुआ तो बस इस उद्देश्य से लिख लिया करता था कि वह बात किसी और को भी खुशी दे सकती है| या कुछ ऐसा जो दिल को छू गया और लगा कि इसे सबके साथ बान्टना चाहिये| या यूँ कहूं कि मेरा एकमात्र इरादा आपका मनोरंजन हैं I ये तो बात हुई मेरे लेखन के बारे में अब मैं अपने बारे में आपको बताता हूँ : - दोस्तों मैंने महात्मा बुध जी की तरह कठोर तपस्या करके सत्य दिव्य ज्ञान की खोज तो नहीं की परन्तु स्वयं को जानने के लिए मैंने भी कुदरत के इशारों का गहन अध्यन किया और कुछ ही दिन पहले मुझे अपने अस्तित्व का ज्ञान हो गया आप सभी ने फिल्म "दिल तो पागल है" तो देखी ही होगी, जब मैं यह फिल्म देख रहा था तो जब यह गीत आया :- "कोई लड़का है जब वो हँसता है सावन आता है घुम्मड-2 घूम-2 कोई लड़का है जब वो गाता है बारिश होती है छमक-२ छम -२" तो करिश्मा कपूर, माधुरी दीक्षित और शाहरुख़ मेरी तरफ इशारा कर रहे थे और मैं उसे उनका डांस स्टेप समझ रहा था मगर जैसे ही मुस्कुराता हुआ मैं सिनेमा हाल से बाहर निकला तो आकाश में बादल छा गए और जब मैंने गाना शुरू किया तो बारिश शुरू हो गयी तब मुझे समझ में आया कि करिश्मा जी, माधुरी जी और शाहरुख़ जी ने मेरी तरफ इशारा क्यों किया था अरे पगले / पगली वो यही बताने के लिए मेरी तरफ इशारा कर रहे थे की वह लड़का मैं ही हूँ जिसका उस गाने में जीक्र है मुझे पता है अब आप लोग मुझे गर्मियों में लगातार हंसने कि लिए कहोगे तो मैं कहूंगा आप इन दिल्ली वालों से पूछो हर रोज शाम को आंधी आती है कि नहीं, अरे भाई जब मैं हंसने की कोशिश करता हूँ तभी तो आंधी आती है पर मैं क्या करूँ बिना किसी बात के कैसे हंस दूँ आप लोग कुछ ऐसा किया करो कि मुझे हंसी आ जाये फिर देखो हर रोज झमाझम बारिश होगी और ये बात अब मौसम विभाग ने भी मान ली है कि मेरे हंसने से सावन आ जाता है और गाना गाने से बारिश शुरू हो जाती है इसीलिए तो सब लोग “डर्मी कूल लगाओ गर्मी भगाओ की बजाय बोलते हैं "किशन कौशिक को हँसाओ, बारिश करवाओ और गर्मी भगाओ”I हर पाठक से निवेदन है यदि आपको मेरी रचनाएँ अच्छी लगे तो उसे जितना हो सके शेयर करें और प्रोफाइल पिक्चर व् हर रचना के नीचे दिए लाईक बटन (""Like"" Tab ) अवश्य दबाएँ तथा प्रतिक्रिया देने के लिए आप मुझसे [email protected] पर संपर्क कर सकते हैं. नीचे दिए वेब-लिंक से आप मेरी रचनाओं का वीडियो देख सकते हैं – https://www.youtube.com/channel/UC4k2nByvZQtvm7-AHyHZOig नीचे दिए वेब-लिंक से आप मेरे Facebook पेज से जुड़ सकते हैं – https://www.facebook.com/narayanshrihari नीचे दिए वेब-लिंक से आप मेरे Google पेज से जुड़ सकते हैं – https://plus.google.com/u/2/112011674808378738342 धन्यवाद आपका दोस्त किशन कौशिक

समीक्षा
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  • कुल टिप्पणी
  • author
    Priya Sharma ""पँखुड़ी""
    27 सितम्बर 2018
    nice
  • author
    sajjad hussain
    05 सितम्बर 2019
    बहोत मार्मिक अच्छी कहानी, मगर अंत कुछ समझ नहीं आया.....
  • author
    Davinder Kumar
    26 जून 2019
    उपन्यास अच्छा लिखा हुआ है किंतु कथा लंबी हो गई है उसको छोटा भी किया जा सकता था
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    Priya Sharma ""पँखुड़ी""
    27 सितम्बर 2018
    nice
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    sajjad hussain
    05 सितम्बर 2019
    बहोत मार्मिक अच्छी कहानी, मगर अंत कुछ समझ नहीं आया.....
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    Davinder Kumar
    26 जून 2019
    उपन्यास अच्छा लिखा हुआ है किंतु कथा लंबी हो गई है उसको छोटा भी किया जा सकता था