पत्रकार- आज हमारे देश में सत्तारूढ़ दल/ सरकार के मंत्री हमारे साथ मौजूद हैं. जनता के प्रचंड बहुमत से सरकार बनी है, सरकार से जनता को बहुत उम्मीदें हैं. आज जनता के तमाम ज्वलंत मुद्दों को लेकर सवाल ...
अपने तजुर्बे से, बहुत कुछ सीखते हैं हम,
अपने ही हाथों खुद, लकीरें खींचते हैं हम।
जहां ये कब तलक हमें, सिर्फ बूत समझेगा,
ज़माने की सच्चाई की, तस्वीरें खींचते हैं हम।।
- श्याम लाल मौर्य (अध्यापक)
देवनागरी इण्टर कॉलेज,मांँगलौर- बुलन्दशहर।
सारांश
अपने तजुर्बे से, बहुत कुछ सीखते हैं हम,
अपने ही हाथों खुद, लकीरें खींचते हैं हम।
जहां ये कब तलक हमें, सिर्फ बूत समझेगा,
ज़माने की सच्चाई की, तस्वीरें खींचते हैं हम।।
- श्याम लाल मौर्य (अध्यापक)
देवनागरी इण्टर कॉलेज,मांँगलौर- बुलन्दशहर।
आपने तो पत्रकारों वाले अंदाज में,, बाकायदा प्रश्नों की झड़ी लगाकर हर कदम की छानबीन कर डाली,, प्रजातंत्र में यह अधिकार तो हर नागरिक को है,, और हर एक शासन तंत्र के अपने गुण दोष होते हैं,, इसमें दूध का धुला कोई भी नहीं है,, अच्छाई बुराई सभी जगह है,, आलोचना के द्वारा शासन तंत्र को कसा जा सकता है यह भी सर्वथा सत्य है,, बहुत रोचक तरीके से प्रश्नोत्तर हुए,, सटीक, लिखा आपने 👍🏻👍🏻🌱🌻
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आपने तो पत्रकारों वाले अंदाज में,, बाकायदा प्रश्नों की झड़ी लगाकर हर कदम की छानबीन कर डाली,, प्रजातंत्र में यह अधिकार तो हर नागरिक को है,, और हर एक शासन तंत्र के अपने गुण दोष होते हैं,, इसमें दूध का धुला कोई भी नहीं है,, अच्छाई बुराई सभी जगह है,, आलोचना के द्वारा शासन तंत्र को कसा जा सकता है यह भी सर्वथा सत्य है,, बहुत रोचक तरीके से प्रश्नोत्तर हुए,, सटीक, लिखा आपने 👍🏻👍🏻🌱🌻
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