pratilipi-logo प्रतिलिपि
हिन्दी

सपनों वाली शादी (बूढ़ी सी प्रेम कहानी)

4.6
4966

"ये स्टेज पर लाल रंग के फूल लगाओ यार, हमारे बुढ़ऊ को उनकी हमारी बुढ़िया के लिए लाल रंग के फूल ही पसंद हैं ।" काम की व्यस्तता के बीच परिधांश ने माहौल को थोड़ा मज़ाकिया रंग देने के लिए ये बात कही । ...

अभी पढ़ें
लेखक के बारे में
author
धीरज झा

नाम धीरज झा, काम - स्वछंद लेखन (खास कर कहानियां लिखना), खुद की वो बुरी आदत जो सबसे अच्छी लगती है मुझे वो है चोरी करना, लोगों के अहसास को चुरा कर कहानी का रूप दे देना अच्छा लगता है मुझे....किसी का दुःख, किसी की ख़ुशी, अगर मेरी वजह से लोगों तक पहुँच जाये तो बुरा ही क्या है इसमें :) .....इसी आदत ने मुझसे एक कहानी संग्रह लिखवा दिया जिसका नाम है सीट नं 48.... जी ये वही सीट नं 48 कहानी है जिसने मुझे प्रतिलिपि पर पहचान दी... इसके तीन भाग प्रतिलिपि पर हैं और चौथा और अंतिम भाग मेरे द्वारा इसी शीर्षक के साथ लिखी गयी किताब में....आप सब की वजह से हूँ इसीलिए कोशिश करूँगा कि आप सबका साथ हमेशा बना रहे... फेसबुक पर जुड़ें :- https://www.facebook.com/profile.php?id=100030711603945

समीक्षा
  • author
    आपकी रेटिंग

  • कुल टिप्पणी
  • author
    swati bhasin
    25 अक्टूबर 2016
    It's very amazing. .union and then reunion with your soul mate which are too hard to find,these days. But this story can rebuild the belief that it's possible. Your tremendous efforts are appreciated.Well done!
  • author
    आशा रानी शरण
    20 दिसम्बर 2020
    अपने जीवनसाथी के प्रति अगाध प्रेम उत्सर्ग और समर्पण की अद्भुत कहानी लिखी है आपने बहुत ही हृदय स्पर्शी और सुंदर कहानी है आपकी। जितना आभार धन्यवाद लिखूं उतना कम है धन्यवाद नमस्कार योगेश जी।
  • author
    Mahendra Khandelwal
    03 अक्टूबर 2020
    हिर्दय को स्पर्श करती रचना, अविस्मरणीय समर्पण जीवनसाथी के प्रति ,काश इनकी जगह हम ही पात्र होते ,रचनाकार को, हिर्दय को छूती हुई रचना करने के लिये बधाई मेरे तरफ़ से दो स्टार और देता हूं
  • author
    आपकी रेटिंग

  • कुल टिप्पणी
  • author
    swati bhasin
    25 अक्टूबर 2016
    It's very amazing. .union and then reunion with your soul mate which are too hard to find,these days. But this story can rebuild the belief that it's possible. Your tremendous efforts are appreciated.Well done!
  • author
    आशा रानी शरण
    20 दिसम्बर 2020
    अपने जीवनसाथी के प्रति अगाध प्रेम उत्सर्ग और समर्पण की अद्भुत कहानी लिखी है आपने बहुत ही हृदय स्पर्शी और सुंदर कहानी है आपकी। जितना आभार धन्यवाद लिखूं उतना कम है धन्यवाद नमस्कार योगेश जी।
  • author
    Mahendra Khandelwal
    03 अक्टूबर 2020
    हिर्दय को स्पर्श करती रचना, अविस्मरणीय समर्पण जीवनसाथी के प्रति ,काश इनकी जगह हम ही पात्र होते ,रचनाकार को, हिर्दय को छूती हुई रचना करने के लिये बधाई मेरे तरफ़ से दो स्टार और देता हूं