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सपनों का हत्यारा- @@@@दहेज़

4.5
43

आज दिल किया तुझे परेशान किया जाए,,,वो बातें की जाए जो कभी तेरे और मेरे बीच रोज होती थी तू उन मिट्टी के घरौंदे की तरह था जो एक पल के लिए बनकर अगले ही पल मेरे ही हाथों टूटा मिला था,,,अनगिनत ...

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लेखक के बारे में
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shyamli dixit
समीक्षा
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    आपकी रेटिंग

  • कुल टिप्पणी
  • author
    02 फ़रवरी 2019
    सुन्दर विषयवस्तु, सटीक चित्रण, बहुत उत्तम रचना श्यामली जी! यूँही लिखती रहिये आप।
  • author
    लवकुश मिश्रा
    02 फ़रवरी 2019
    बहुत सुंदर रचना...आप इसी प्रकार हम सभी को सुंदर रचनाएं प्रदान करती रहें ।
  • author
    Rishabh Tiwari
    02 फ़रवरी 2019
    काफी गंभीर, लेकिन मन को छू जाने वाली ।
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    02 फ़रवरी 2019
    सुन्दर विषयवस्तु, सटीक चित्रण, बहुत उत्तम रचना श्यामली जी! यूँही लिखती रहिये आप।
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    लवकुश मिश्रा
    02 फ़रवरी 2019
    बहुत सुंदर रचना...आप इसी प्रकार हम सभी को सुंदर रचनाएं प्रदान करती रहें ।
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    Rishabh Tiwari
    02 फ़रवरी 2019
    काफी गंभीर, लेकिन मन को छू जाने वाली ।