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समयरेखा

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"छह बजने में आधा घंटा बाक़ी है और अभी तक तुम तैयार नहीं हुई! पिक्चर निकल जाएगी, जानेमन!!!" मानव ने एकाएक पीछे से आकर मुझे बाँहों में भरते हुए ज़ोर से हिला दिया! बचपन से उसकी आदत थी, मैं जब-जब ...

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लेखक के बारे में
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अंजू शर्मा

anjuvsharma2011@gmail.com कुल आठ किताबें प्रकाशित हो चुकी हैं। दो जल्दी ही आने वाली हैं। जिनमें दो कविता संग्रह, पाँच कहानी संग्रह, तीन उपन्यास हैं। बहुत सारे पुरस्कारों से सम्मानित, साहित्य के क्षेत्र में करीब पंद्रह वर्ष से खूब सक्रिय नाम।

समीक्षा
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    आपकी रेटिंग

  • कुल टिप्पणी
  • author
    Arya "आर्य"
    04 ஜனவரி 2017
    काश! कुछ शब्द बने होते, जो कहानी की तारीफ कर पाते। 👌
  • author
    Pooja
    23 ஜூலை 2018
    Mujhe ye story bahut pasand h , kai baar padh chuki hu aur ab phir padh rhi hu... Kahani ka the end mujhe bahut pasand aaya kyuki kahi na kahi mai bhi yahi end chahti thi
  • author
    Risha Gupta
    09 ஜூன் 2021
    मैम शब्द ही नहीं आपकी तारीफ में आज पहली बार आपको पढ़ा और नतमस्तक हो गयी, आपकी लेखनी की कायल हो गयी मैं, बहुत बहुत लाजवाब लेखनी 🙏🙏🙏🙏🙏🙏
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    Arya "आर्य"
    04 ஜனவரி 2017
    काश! कुछ शब्द बने होते, जो कहानी की तारीफ कर पाते। 👌
  • author
    Pooja
    23 ஜூலை 2018
    Mujhe ye story bahut pasand h , kai baar padh chuki hu aur ab phir padh rhi hu... Kahani ka the end mujhe bahut pasand aaya kyuki kahi na kahi mai bhi yahi end chahti thi
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    Risha Gupta
    09 ஜூன் 2021
    मैम शब्द ही नहीं आपकी तारीफ में आज पहली बार आपको पढ़ा और नतमस्तक हो गयी, आपकी लेखनी की कायल हो गयी मैं, बहुत बहुत लाजवाब लेखनी 🙏🙏🙏🙏🙏🙏