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सगुण ईश्वर

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आस्तिकता को करीब से महसूस करना है तो प्रकृति का दीदार करना चाहिए। ईश्वर ने खुद को साबित करने का सुराग प्रकृति के बीच ही रख छोड़ा है। प्रकृति सगुण ईश्वर ही बास करता है हम सिर्फ दिव्यदृष्टि से ...

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लेखक के बारे में

जीवन परिचय: प्रवीण कुमार शर्मा, पिता का नाम- गिरधारी लाल शर्मा,माता का नाम- गंगा देवी, पत्नी का नाम- रेनू शर्मा, गांव- खिजूरी, खानवा के पास स्थित है जो राजस्थान प्रांत के भरतपुर जिले की रूपवास तहसील में आता है. शरू की शिक्षा गांव में ही हुई, सीनियर सैकंडरी स्कूल गहनोली मोड़ से बारहवीं पास करने के बाद, भरतपुर से स्नातक की फिर राजस्थान विश्वविद्यालय जयपुर से अंग्रेजी में स्नातकोत्तर की. जन्म: 7 जनवरी 1990 साहित्य परिचय: 2007-08 से लेखन कार्य में सक्रिय. 2012 में हिंदी साहित्य समिति भरतपुर में आयोजित कहानी प्रतियोगिता में द्वितीय स्थान प्राप्त किया. 2013 में अहा जिंदगी में चित्र पहेली पर आधारित काव्य प्रतियोगिता में टॉप चालीस में जगह बनाई. दो बार से लगातार भरतपुर डाईट की प्रकाशित कलरव पत्रिका में कविताएं प्रकाशित हुई. अब वर्तमान में प्रतिलिपि पर साहित्य साधना चल रही है.

समीक्षा
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    Ujjwal Biswas ( Rintu )
    22 செப்டம்பர் 2025
    बेहतरीन रचना 🌹🌹
  • author
    Ravi Sana "Sana"
    22 செப்டம்பர் 2025
    super
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    Ujjwal Biswas ( Rintu )
    22 செப்டம்பர் 2025
    बेहतरीन रचना 🌹🌹
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    Ravi Sana "Sana"
    22 செப்டம்பர் 2025
    super