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सदा सुहागन रहो।

4.8
220

" अरे गुप्ता आंटी आज भी नहीं आयी।" सुनैना ने सबसे पूछा। "नहीं, अभी उसका बाहर निकलना ठीक नहीं। अच्छा नहीं लगता।" शर्मा आंटी बोली। " अच्छा नहीं लगता! क्या मतलब?" सुनैना ने पूछा। इतने में बी ब्लॉक ...

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लेखक के बारे में
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गरिमा भाटी

श्रीमती गरिमा भाटी “गौरी” - संस्थापक अध्यक्ष - काव्य गरिमा हिन्दी साहित्य मंच,सहायक आचार्या फ़रीदाबाद - हरियाणा, शिक्षा, साहित्य (लघुकथा, कविताएँ, कहानी, ग़ज़ल) और समाजसेवा

समीक्षा
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  • कुल टिप्पणी
  • author
    Bhrigu Sharma
    13 సెప్టెంబరు 2020
    Deep.. Only a keen observer of emotions can pen down these thoughts .. Need more rebellious authors like you in today's Indian society. Respect.
  • author
    06 నవంబరు 2022
    लाजवाब   पेशकश 🌹🌹🌹🌹🥀🥀🥀🥀🥀💐💐💐💐 ❤❤❤❤❤❤❤❤❤❤❤❤❤ मेरी भी रचनाए पढ़े और आप की महत्वपूर्ण टिप्पणी करे धन्यवाद....
  • author
    Manoj Sharma
    04 జులై 2020
    बहुत अच्छा सामाजिक मुद्दा लिया है जी । ऐसे ही बेहतरीन अपडेट देते रहो जी
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    Bhrigu Sharma
    13 సెప్టెంబరు 2020
    Deep.. Only a keen observer of emotions can pen down these thoughts .. Need more rebellious authors like you in today's Indian society. Respect.
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    06 నవంబరు 2022
    लाजवाब   पेशकश 🌹🌹🌹🌹🥀🥀🥀🥀🥀💐💐💐💐 ❤❤❤❤❤❤❤❤❤❤❤❤❤ मेरी भी रचनाए पढ़े और आप की महत्वपूर्ण टिप्पणी करे धन्यवाद....
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    Manoj Sharma
    04 జులై 2020
    बहुत अच्छा सामाजिक मुद्दा लिया है जी । ऐसे ही बेहतरीन अपडेट देते रहो जी