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सच्चे रिश्ते

4.6
5286

नमन सुबह जल्दी ही नहा धोकर तैयार हो गया था । आज रक्षाबंधन है । दीदी आएगी गाँव से यह सोच कर उसका मन उमंग से भरा जा रहा था । हर साल की तरह इस बार भी वह दीदी के लिए साड़ी मिठाई और गिफ्ट लाकर रख चुका था...

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लेखक के बारे में

मेरे हाथों से कल मेरा "आईना" टूट गया ..चलो पत्थरों के शहर में नया "आईना" तलाश करते हैं ........

समीक्षा
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    आपकी रेटिंग

  • कुल टिप्पणी
  • author
    Probal Ranjan Bhattacharya
    04 जुलाई 2018
    सच है रिश्ते दिल से निभाएं जाते हैं।
  • author
    Sunil Shukla
    20 सितम्बर 2018
    बहुत सुंदर कहानी,🌼🌼🌼🌼
  • author
    Mahendra Samariya
    20 मई 2018
    बढिया कहानी
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  • author
    Probal Ranjan Bhattacharya
    04 जुलाई 2018
    सच है रिश्ते दिल से निभाएं जाते हैं।
  • author
    Sunil Shukla
    20 सितम्बर 2018
    बहुत सुंदर कहानी,🌼🌼🌼🌼
  • author
    Mahendra Samariya
    20 मई 2018
    बढिया कहानी