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सास बहू की लड़ाई

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सास की बहू जब से है आई , घर में हमेशा किचकिच सुनाई। बहू हमेशा भागती जाई , कभी आंगन तो कभी द्वार पे पिटाई। गांव वाले भी उसकी करते बुराई, उसकी सच सब ने छुपाई । गलती इतनी की वो करती कमाई, चाहती है ...

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लेखक के बारे में
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Chandani Pandey

अभी तो खुद की तालाश में हूं जिंदगी बदलने के आस में हूं सब कहते हैं समझदार बनो लेकिन सपनों को पाने के लिए पागल बन रही हूं सब कह रहे हैं हसते रहो पर सम्मान पाने के लिए मुस्कान खो रही हूं।

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    sudhanshu pandey
    25 जनवरी 2025
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