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हिन्दी

rong नंबर

4.6
375
laghukatha

कभी कभी ईश्वर रोग नंबर लगा क भी मदद कर देता है .

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लेखक के बारे में

मेरी कर्म भूमि राजस्थान की हृदय स्थली एवं धार्मिक नगरी अजमेर रही. साहित्य में रूचि होने की वजह से हिंदी विषय में एम्0 ए0, ऍम फिल फिर पीएच०डी० की डिग्री हासिल की और प्रतिलिपि का सानिध्य मिलने की वजह से लेखन के प्रति जाग्रत हुई रूचि और पाठकों का निर्झर स्नेह लिखने के लिए प्रेरित करता रहा. पाठकों का स्नेह मिलता रहा तो हमेशा लिखती रहूंगी.

समीक्षा
  • author
    आपकी रेटिंग

  • कुल टिप्पणी
  • author
    19 जून 2020
    वाह... क्या कमाल है
  • author
    अनुराग डुरेहा
    24 दिसम्बर 2018
    छोटी और अच्छी
  • author
    Sandy Honey
    24 अक्टूबर 2018
    ye hui na baat
  • author
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    19 जून 2020
    वाह... क्या कमाल है
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    अनुराग डुरेहा
    24 दिसम्बर 2018
    छोटी और अच्छी
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    Sandy Honey
    24 अक्टूबर 2018
    ye hui na baat