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‘राॅबिन हुड’ बन जाउं

4.3
215

‘राॅबिन हुड’ बन जाउं राजेश कुमार पाठक क्यों रोक नहीं पाते खुद को दुर्दशा राज्य की कहने से होता है यह सब लोगों अन्याय सर्वदा सहने से । मैं आज तुझे बताता हॅंू है राज्य हमारा क्यों पिछड़ा छत एक मगर दो ...

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समीक्षा
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    Manjit Singh
    03 अक्टूबर 2020
    वीर रस से भरी कविता भाई तुम हिम्मत करो तो robin hood बन सकते हो। कुछ लोगों का साथ लेकर होशियारी बरतनी होगी। जहां चाह वहां राह। भगवान से प्रार्थना करो आप ज़रूर रॉबिन हुड बन जाओगे,हमारी दुआ आपके साथ
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    Manjit Singh
    03 अक्टूबर 2020
    वीर रस से भरी कविता भाई तुम हिम्मत करो तो robin hood बन सकते हो। कुछ लोगों का साथ लेकर होशियारी बरतनी होगी। जहां चाह वहां राह। भगवान से प्रार्थना करो आप ज़रूर रॉबिन हुड बन जाओगे,हमारी दुआ आपके साथ