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रिश्ते : दो स्थितियाँ

4.7
431

(1) रूठें कैसे नहीं बचे अब, मान-मनोव्वल के रिश्ते अलगे-से चुपचाप चल रहे, ये पल दो पल के रिश्ते कभी गाँठ से बँध जाते हैं, कभी गाँठ बन जाते हैं कब छाया कब चीरहरण, हो जाते आँचल के रिश्ते आते हैं सूरज...

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लेखक के बारे में

An author, Poet,Critic, Sociolinguist, Editor, LanguageTech. Professional, feminist & Social Activist शिक्षा : एम.ए.-- हिंदी (भाषा एवं साहित्य), प्रभाकर-- हिन्दी साहित्य एवं भाषा, शास्त्री – संस्कृत साहित्य एम.फिल. -- Sociolinguistics (स्वर्णपदक)​​​​ हिन्दी में उक्त सैद्धांतिकी पर पहला शोध पी.एच.डी. -- आधुनिक हिन्दी कविता और आलोचना भाषाज्ञान : पंजाबी (मातृभाषा), हिंदी, संस्कृत, मराठी, अंग्रेजी प्रवास : नॉर्वे, जर्मनी, थाईलैंड, यू.के., स्पेन, प्रकाशन : 1)----"महर्षि दयानन्द और उनकी योगनिष्ठा" (शोध पुस्तक) 1984 / (गोविन्दराम हासानन्द प्रकाशन, नई दिल्ली) 2)----"मैं चल तो दूँ" (कविता पुस्तक) 2005 (सुमन प्रकाशन, हैदराबाद) 3)----"समाज-भाषाविज्ञान : रंग-शब्दावली : निराला-काव्य" ( पुस्तक ) जनवरी 2009 / (हिन्दुस्तानी एकेडेमी, इलाहाबाद) 4)----"कविता की जातीयता" (आलोचना-ग्रन्थ ) मार्च 2009 / हिन्दुस्तानी एकेडेमी, इलाहाबाद) 5)----कविता, गीत, कहानी, शोध, 50 से अधिक पुस्तकों की समीक्षाएँ, संस्मरण, ललित निबंध, साक्षात्कार तथा रिपोर्ताज आदि विधाओं में देश-विदेश की प्रतिष्ठित पत्र-पत्रिकाओं में निरंतर लेखन 6)----अनेक रचनाओं के पंजाबी, नेपाली, असमिया, बोडो, तेलुगु, तमिल, रूसी व अंग्रेजी में अनुवाद हुए 7)----एन.सी.ई.आर.टी.की अन्यभाषा/ हिन्दी की पाठ्यपुस्तक (कविता सम्मिलित) 2002 8)----'ओरियंट लाँगमैन' की 'नवरंग रीडर' (दोहे सम्मिलित) 2003 9)----केरल राज्य की 7वीं व 8वीं की द्वितीय भाषा हिन्दी की पाठ्यपुस्तक (बाल कविताएँ सम्मिलित ) 2002 10)----टीवी विज्ञापनों के लिए लेखन 11)--- अनेकानेक प्रतिष्ठित समवेत संकलनों /प्रकाशनों में विविध विधाओं की ढेरों रचनाएँ 12)--- जुलाई 2013 से दिल्ली विश्वविद्यालय द्वारा अनिवार्य हिन्दी के आधार पाठ्यक्रम की "भाषा, साहित्य और सर्जनात्मकता" पाठ्यपुस्तक में कविता सम्मिलित 13)---- "भाषा प्रौद्योगिकी और कंप्यूटर विज्ञान" (पुस्तक) शीघ्र प्रकाश्य संपादन : 1)--- "स्त्री सशक्तिकरण के विविध आयाम" (ग्रंथ) (2004) गीता प्रकाशन, हैदराबाद 2)--- दक्षिण भारत कान्यकुब्ज सभा स्मारिका (2003) 3)--- 40 भारतीय भाषाओं की लेखिकाओं के स्त्रीविमर्श विषयक ऐतिहासिक कहानी संकलन "हाशिये उलांघती औरत" (25 वोल्यूम्ज) (प्रकाशक रमणिका फाऊण्डेशन ) के प्रवासी कहानियाँ खण्ड की सम्पादक ( 28 मार्च 2014 को JNU में मैनेजर पाण्डेय द्वारा लोकार्पित) 4)---"यॉरोप की हिन्दी कहानियाँ" विषयक बृहत् परियोजना की मुख्य सम्पादक ( शीघ्र प्रकाश्य) सम्मान : 1) भारतीय उच्चायोग, लन्दन द्वारा ब्रिटेन में हिन्दी भाषा, साहित्य एवं संस्कृति हेतु पत्रकारिता के क्षेत्र में दिए गए अवदान के निमित्त भारतीय उच्चायुक्त डॉ. जैमिनी भगवती के हाथों "आचार्य महावीर प्रसाद द्विवेदी पत्रकारिता सम्मान" द्वारा अलंकृत (19 मार्च 2013) 2) हिन्दुस्तानी एकेडेमी, इलाहाबाद द्वारा `भाषा के लब्धप्रतिष्ठित विद्वान' के रूप में सम्मानित (जनवरी 2009) 3) दिल्ली में भारतीय सांस्कृतिक संबंध परिषद, साहित्य अकादमी तथा अक्षरम् का अलंकरण “सूचना प्रौद्योगिकी सम्मान'” ( `Aksharam IT Award' for contribution to Hindi Langu.& Lit. through technology ) (2010) 4) `कर्पूर वसंत सम्मान' (2003), ( उच्च शिक्षा और शोध संस्थान, विश्वविद्यालय प्रकल्प, दक्षिण भारत हिन्दी प्रचार सभा द्वारा प्रदत्त ) 5) बिहार संस्कृत शिक्षा बोर्ड द्वारा संस्कृत भाषा के उन्नयन हेतु सम्मानित (2008) 6) भारत भवन, भारतीय उच्चायोग लन्दन में सम्मान (2008) 7) `राष्ट्रीय एकता सद्‌भावना पुरस्कार' (2002), (सामाजिक, सांस्कृतिक व राष्ट्रीय मूल्यों के प्रचार प्रसार के क्षेत्र में अवदान हेतु) 8) `दलित मित्र' (2003), (भारतीय दलित साहित्य अकादमी द्वारा प्रदत्त ) 9) `विद्यामार्तंड' (2004), 10) `महारानी झाँसी सम्मान' (2001) स्त्री सशक्तीकरण के विविध क्षेत्रों में दी गई सेवाओं हेतु 11) ऑथर्ज़ गिल्ड ऑफ इंडिया, द्वारा (हैदराबाद में) सम्मानित (अगस्त 2011) 12) ब्रिटेन में भारतीय दूतावास द्वारा "विशिष्ट सम्मान" से सम्मानित (जून 2011 ) संप्रति :- 1)----संस्थापक-महासचिव – 'विश्‍वम्भरा' – भारतीय जीवनमूल्यों के प्रसार की संकल्पना (संस्था) 2) संस्थापक - विश्वम्भरा : विश्वहिन्दी-भाषा-लेखक-संघ 3) Examiner (हिन्दी) at University of Cambridge (CIE), ब्रिटेन 4)---- सदस्य - ‘केदारसम्मान समिति’ (बाँदा ) 5)--- सलाहकार संपादक - `माटी' (प्रगतिशील चेतना की संवाहक त्रैमासिक) 6)--- सचिव – स्त्री समाज, अंतर्राष्ट्रीय वेद प्रतिष्ठान न्यास 7)--- अध्यक्ष - राष्ट्रीय विचारमंच , आ.प्र.प्रकोष्ठ 8)---सदस्य : सलाहकार समिति, भाषा व कला संकाय, केम्ब्रिज विश्वविद्यालय, ब्रिटेन अन्य 1)---वर्ष 1995, 1996 में नॉर्वे में योग व ध्यान की कक्षाओं का संचालन, संयोजन व नियमन 2)---'आर्य लेखक कोश' (सं.- डॉ.भवानीलाल भारतीय) में परिचय व उल्लेख (सन् 1989) 3)----केंद्र सरकार के विविध उपक्रमों (NFC, NMDC, Banks आदि अनेक) में राजभाषा हिन्दी के क्रियान्वयन विषयक आयोजनों में वक्ता के रूप में भागीदारी 4)----- आर्यसमाज बैंकॉक के आमंत्रण पर दिसंबर 1999 से फ़रवरी 2000 तक 'संस्कृत एवं हिन्दी भाषा-साहित्य में भारतीय वैदिक संस्कृति' विषयक व्याख्यान-यात्रा 5)----जीवनमूल्यों-पर केंद्रित सर्टिफ़िकेट-कोर्स का नियमन व संचालन 6)----केंद्रीय विद्यालय संगठन, नई दिल्ली द्वारा आयोजित 16 राज्यों के स्नातकोत्तर हिन्दी अध्यापकों के 3 सेवाकालीन प्रशिक्षण शिविरों में 'रिसोर्स पर्सन' के रूप में साहित्य, भाषा, भारतीयता और मूल्यशिक्षा का दीर्घकालीन अध्यापन 7)----अनगिनत गंभीर गवेषणापूर्ण शोध आलेख 8)----विविध अखिल भारतीय व अन्तरराष्ट्रीय व विश्वविद्यालयीय संगोष्ठियों में भाषा, स्त्रीविमर्श, समाज, पत्रकारिता, काव्य, आलोचना, लैंग्वेज़ कम्प्यूटिंग (इंडिक), व्यंग्य, संस्मरण, कथासाहित्य, संस्कृतसाहित्य, काव्यशास्त्र, नाटकसाहित्य, दर्शन, तुलनात्मक साहित्य आदि अनेक विषयों पर पत्र-प्रस्तुति, संयोजन, अध्यक्षता एवम् संचालन 9)----डॉ.नामवर सिंह, डॉ.विद्यानिवास मिश्र, डॉ.प्रभाकर श्रोत्रिय, श्री अशोक वाजपेयी प्रभृति कवि, विद्वान् , आलोचकों आदि से समीक्षा-दृष्टियों, काव्य-विमर्श, साहित्य, भाषा, संस्कृति व विविध विधाओं आदि पर केंद्रित 35 से अधिक गहन विचार-विमर्शपूर्ण साक्षात्कार 10)----महात्मा गांधी अन्तर्राष्ट्रीय हिन्दी विश्वविद्यालय एवम् उच्च शिक्षा और शोध संस्थान, विश्वविद्यालय विभाग, दक्षिण भारत हिन्दी प्रचार सभा में अतिथि –अध्यापक के रूप में अंशकालिक अध्यापन 11)---- साहित्य अकादमी, केन्द्रीय हिन्दी संस्थान, वैज्ञानिक एवम् तकनीकी शब्दावली आयोग, नैशनल बुक ट्रस्ट प्रभृति संस्थाओं एवं देश विदेश के कई विश्वविद्यालयों एवं प्रतिष्ठित संस्थानों की संगोष्ठियों, सम्मेलनों व कार्यशालाओं में आमन्त्रित, भागीदारी, पत्र प्रस्तुति 12)----- बिहार सरकार द्वारा राज्य में संस्कृत शिक्षा के अध्ययन अध्यापन के स्तर में सुधार हेतु आमन्त्रित संगोष्ठी की अध्यक्षता ( दिसम्बर 2008) 13)---- 20वीं शती की श्रेष्ठ महिला कथाकार (सं.- श्री सुरेन्द्र तिवारी ) में सम्मिलित (प्रकाश्य) 14)----- हिन्दी व इंडिक (भारतीय भाषा) कम्यूटिंग की कार्यशालाओं हेतु विविध प्रतिष्ठित संस्थानों द्वारा आमंत्रित / सम्मानित 15)----- हिंदी कम्प्यूटिंग में तकनीक / नेट लेखन / प्रौद्योगिकी / पत्रकारिता में सक्रिय / 16)----केंद्रीयविद्यालय मैनेजमेंट कमेटी (एयरफ़ोर्स स्टेशन) में संस्कृतिविद् के रूप में मनोनीत (2004 - 2009 ) 17) ------ भारत, यूके व स्पेन के विश्वविद्यालयों में आयोजित अंतर-राष्ट्रीय संगोष्ठियों में भाषा प्रोद्यौगिकी, लैंगवेज़ कम्प्यूटिंग व विविध साहित्यिक शोधपत्र, आलेख व प्रपत्र प्रस्तुत 18) ----दूरदर्शन सहित भारत के विविध टीवी चैनल्ज़ पर काव्यपाठ, इंटरव्यू व लंबी परिचर्चाओं में भागीदारी 19) ----ब्रिटेन में रेडियो पर लंबी वार्ताएँ व काव्यपाठ प्रस्तुत ------------------------------​​​​---------------------------​-​-​-​---------------- - Organiser and Member of Editorial Board for publication of book - `Kshan ke ghere mein ghira nahin’ [A tribute to poet Trilichan] - Conducting, editing, writing and organizing many web portals on the internet for the promotion of Hindi literature, Indic languages, Indian Social and cultural education and human values. - Established a group of about 300 members [Hindi-Bharat]; & Poetry : Hindi Kavita (हिन्दी-कविता) to inculcate, educate and encourage work in Hindi, Devnagri. The group is founded, edited and run by Dr. Kavita Vachaknavee.

समीक्षा
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  • कुल टिप्पणी
  • author
    16 अगस्त 2018
    अत्तिउत्तम रचना।
  • author
    23 जनवरी 2019
    अति सुन्दर रचना
  • author
    Sumedha Prakash
    29 सितम्बर 2018
    Toooo gooooood
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    16 अगस्त 2018
    अत्तिउत्तम रचना।
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    23 जनवरी 2019
    अति सुन्दर रचना
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    Sumedha Prakash
    29 सितम्बर 2018
    Toooo gooooood