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रेत घड़ी

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उसने अख़बार उठाकर देखा जिसमें लिखे थे आधी आबादी के लिए बेहतर समय आने के आश्वासन वह उठी, मेज पर रखी रेत घड़ी को पलटकर वापस रख दिया वह जानती थी कि रेत घड़ी का समय कभी नहीं बदलता ...एक रेत घड़ी ही समझ सकती ...

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लेखक के बारे में

जीवन की पाठशाला की एक भावुक छात्रा

समीक्षा
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  • कुल टिप्पणी
  • author
    Rajni brajgopal "Rajni"
    27 फ़रवरी 2022
    बहुत खूब
  • author
    दत्ता सावंत
    31 मई 2022
    सर्वोत्तम  रचना 👌🏻👌🏻👌🏻
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    Rajni brajgopal "Rajni"
    27 फ़रवरी 2022
    बहुत खूब
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    दत्ता सावंत
    31 मई 2022
    सर्वोत्तम  रचना 👌🏻👌🏻👌🏻