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रहता जहां लोभ

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रहता जहाँ लोभ ,रहता वहाँ पाप, रहता जहाँ दया, रहता तहाँ है धर्म , रहता जहाँ क्रोध ,तहा रहता है काल , रहता जहाँ-क्षमा वहां रहते श्रीहरि । हे जगत के धाता श्रीहरि अनंत हो आप , ये सारा जग है तुझमें ...

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लेखक के बारे में
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दिनेश दुबे

दोस्तो नमस्कार मैं दिनेश दुबे मुंबई में रहता हूं और बॉलीवुड में रायटर डायरेक्टर के रूप में कार्य रत हुं कई प्रोजेक्ट्स मैंने किया भी है, अब कुछ दिनों से मैंने प्रतिलिपि पर लिखना शुरू किया है, मुझसे जो भी लिखने में भूल हो उसके लिए क्षमा प्राथी हु , आपके दिए सुझाव मेरे लिए फलदाई होंगे तो आप लोग जो भी मेरी कमियां हो तो अवश्य बताएं,! आप मुझ मेरे नंबर पर भी कॉन्टैक्ट कर सकते हैं 8652788094।

समीक्षा
  • author
    आपकी रेटिंग

  • कुल टिप्पणी
  • author
    Dr. Lal Mohamamed
    12 जनवरी 2025
    बहुत बेहतरीन खूबसूरत और भावपूर्ण रचना। मेरी रचनाओ को पढ़कर अपेक्षित मार्गदर्शन करे।
  • author
    Adil Khan सुपरफैन
    12 जनवरी 2025
  • author
    sudha dubey
    12 जनवरी 2025
    bahut badhiya
  • author
    आपकी रेटिंग

  • कुल टिप्पणी
  • author
    Dr. Lal Mohamamed
    12 जनवरी 2025
    बहुत बेहतरीन खूबसूरत और भावपूर्ण रचना। मेरी रचनाओ को पढ़कर अपेक्षित मार्गदर्शन करे।
  • author
    Adil Khan सुपरफैन
    12 जनवरी 2025
  • author
    sudha dubey
    12 जनवरी 2025
    bahut badhiya