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रीना एक संघर्ष

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1729

पता नही दुनिया कब समझेगी या लोग कब समझेंगे की परिवार की जिम्मेदारी केवल बेटों की नही बल्कि बेटियां भी इस जिम्मेदारी को बखूबी निभा रही है। ये कहानी एक ऐसी लड़की की है जिसने जिंदगी से लड़के वो मुकाम ...

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लेखक के बारे में

Dr Manish Kumar Gupta मुझे कविता लिखना पसंद है| हमने लखनऊ के नेशनल होम्योपैथिक मेडिकल कालेज से बी. एच. एम. एस. किया है | और लखनऊ मे ही होम्योपैथिक प्राइवेट प्रैक्टिस करता हूँ | जिन्दगी की बहुत सारी ख्वाहिशें होती हैं, कुछ पूरी हो जाती हैं और कुछ को पूरा करने में पूरा जीवन गुजर जाता है। हमारी भी सिर्फ एक छोटी सी ही ख्वाहिश है दुनिया में नाम कमाना चाहे वो कविता या कहानी के माध्यम से हो या किसी और माध्यम से । क्या लिखता हूँ कैसे लिखता हूं मुझे भी नहीं मालूम बस जिन्दगी के कुछ खट्टे मीठे अनुभव है जो खुद ब खुद कागजों मे उतर आते हैं। थोड़ा लिखता हूँ दोस्तो ज्यादा समझना। जिंदगी में कई पड़ाव आते है। कभी कभी ऐसे पड़ाव आते है कि उनकी उलझनों मे आदमी खो जाता है। लिखते लिखते कब लिखना मेरा कम हो गया मुझे पता ही नहीं चला। अभी चार महीनों से समय भी था पर नहीं लिख पा रहा था वजह सिर्फ यही थी दूरियां बढ़ गई थी। दोस्तो अब मैं एक आप लोगों के प्यार की वजह से लेखन की दूसरी पारी शुरू करने जा रहा हूँ। उम्मीद है आपका वैसा ही प्यार और सहयोग मिलेगा।

समीक्षा
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  • कुल टिप्पणी
  • author
    Vikram MEENA
    29 जुलाई 2018
    रीना
  • author
    Unnati Vaish
    24 मई 2018
    very impressive..it will give postive.. inspiring impact on women society..
  • author
    10 जून 2018
    बहुत खूब।आपकी दोनों कहानियां मिलती जुलती है।
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    Vikram MEENA
    29 जुलाई 2018
    रीना
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    Unnati Vaish
    24 मई 2018
    very impressive..it will give postive.. inspiring impact on women society..
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    10 जून 2018
    बहुत खूब।आपकी दोनों कहानियां मिलती जुलती है।