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रानी बेटी

4.2
360

अम्मा-बाबा मैं बिटिया हूँ आना चाहती अपने घर, परी-लोक से आई हूँ आई बात वहाँ सुनकर, मेरी राहें जोह रहे हो उत्सुकता से धरती पर | सुना समय की थोड़ी करवट ने बेटी का साथ दिया बेड़ी में जकड़ी अबला को शक्ति और ...

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लेखक के बारे में
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कविता पन्त
समीक्षा
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  • कुल टिप्पणी
  • author
    24 जून 2017
    संसार के सारे रिश्तों का आधार बेटी ही होती है .. बस रूप अलग होते है......
  • author
    Raja Diwakar
    08 अप्रैल 2019
    बहुत खूब लिखा है आपने
  • author
    Anurag Anurag
    27 जुलाई 2019
    bhut sundar
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    24 जून 2017
    संसार के सारे रिश्तों का आधार बेटी ही होती है .. बस रूप अलग होते है......
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    Raja Diwakar
    08 अप्रैल 2019
    बहुत खूब लिखा है आपने
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    Anurag Anurag
    27 जुलाई 2019
    bhut sundar