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प्यार

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प्यार से बड़ी कोई भूख नही होती, न मिले प्रेम तो आत्मा तृप्त नही होती, दिल तो समुन्दर है प्यार का लेकिन, बाटने की हर एक मे चाह नही होती। प्यार बाटने से कभी कम नही होता, अन्दर के समुन्दर को झॉकने का मन...

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लेखक के बारे में
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रचना सक्सेना
समीक्षा
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    आपकी रेटिंग

  • कुल टिप्पणी
  • author
    Ramnarayan Chandrakar
    02 मार्च 2019
    प्यार की अदभुत अनुभूति करवाया आपने इश्क एक दरिया है डूब कर उबर जाऊँगा जब न् रहूँगा दुनियां में तो याद आऊँगा
  • author
    07 मई 2018
    प्रेम की अनुभूति को सहज सटीक शब्दों में पिरोया है । हार्दिक बधाई शुभकामनाएँ आपको ।
  • author
    Anil Agarwal
    17 दिसम्बर 2018
    सुखद अनुभव ँं
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    Ramnarayan Chandrakar
    02 मार्च 2019
    प्यार की अदभुत अनुभूति करवाया आपने इश्क एक दरिया है डूब कर उबर जाऊँगा जब न् रहूँगा दुनियां में तो याद आऊँगा
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    07 मई 2018
    प्रेम की अनुभूति को सहज सटीक शब्दों में पिरोया है । हार्दिक बधाई शुभकामनाएँ आपको ।
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    Anil Agarwal
    17 दिसम्बर 2018
    सुखद अनुभव ँं