मुझे तोड़कर मन ही मन, मुस्कुराओगे। डाली से तोड़कर,भगवान को चढ़ाओगे। या फिर गजरा बना कर, प्रेमिका के बालों में सजाओगे। तुम्हारी नजरों में मेरा क्या? बस इतना ही मोल है। क्यों भूल जाते हो? जीवन तो ...
बिल्कुल, एक पुष्प की यह भी अभिलाषा हो सकती है ।
सभी पूरा जीवन जीने की चाहत रखते हैं । लाचार,मजबूर होकर भले ही वह दूसरे के अनुसार जीवन गुजारें।
बहुत सुन्दर प्रस्तुति लाजवाब ✍👌🏼👏👏👏💐🙏
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