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"पुष्प की अभिलाषा"

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मुझे तोड़कर मन ही मन, मुस्कुराओगे। डाली से तोड़कर,भगवान को चढ़ाओगे। या फिर गजरा बना कर, प्रेमिका के बालों में सजाओगे। तुम्हारी नजरों में मेरा क्या? बस इतना ही मोल है। क्यों भूल जाते हो? जीवन तो ...

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लेखक के बारे में
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Manju Joshi

कहानियां हमारे इर्द-गिर्द ही बिखरी होती हैं। जो घटना दिल को छू जाती है, वह शब्दों में ढल कर पन्नों पर उतर आती है।

समीक्षा
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  • कुल टिप्पणी
  • author
    पवन सिंह
    26 अक्टूबर 2021
    बिल्कुल, एक पुष्प की यह भी अभिलाषा हो सकती है । सभी पूरा जीवन जीने की चाहत रखते हैं । लाचार,मजबूर होकर भले ही वह दूसरे के अनुसार जीवन गुजारें। बहुत सुन्दर प्रस्तुति लाजवाब ✍👌🏼👏👏👏💐🙏
  • author
    BABITA MISHRA
    26 अक्टूबर 2021
    वाह मैम बहुत ही खूबसूरत सारगर्भित और भावपूर्ण प्रस्तुति शानदार पंक्तियां लिखी है आपने 👌👌👌👌👌🥀🥀🥀🥀🌹🌹🌹🌹🌹🌹👏👏👏👏👏🙏🏽🙏🏽
  • author
    Miss dev
    27 अक्टूबर 2021
    बहुत ही शानदार रचना पुष्प की अभिलाषा बहुत सुंदर तरीके से मन की भावनाओ को दर्शाया है👌👌👌👌👌 💐💐💐💐
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    पवन सिंह
    26 अक्टूबर 2021
    बिल्कुल, एक पुष्प की यह भी अभिलाषा हो सकती है । सभी पूरा जीवन जीने की चाहत रखते हैं । लाचार,मजबूर होकर भले ही वह दूसरे के अनुसार जीवन गुजारें। बहुत सुन्दर प्रस्तुति लाजवाब ✍👌🏼👏👏👏💐🙏
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    BABITA MISHRA
    26 अक्टूबर 2021
    वाह मैम बहुत ही खूबसूरत सारगर्भित और भावपूर्ण प्रस्तुति शानदार पंक्तियां लिखी है आपने 👌👌👌👌👌🥀🥀🥀🥀🌹🌹🌹🌹🌹🌹👏👏👏👏👏🙏🏽🙏🏽
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    Miss dev
    27 अक्टूबर 2021
    बहुत ही शानदार रचना पुष्प की अभिलाषा बहुत सुंदर तरीके से मन की भावनाओ को दर्शाया है👌👌👌👌👌 💐💐💐💐