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पुराने मकान में बसता घर

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पुराना मकान उतना ही अनमोल होता है जितना की बीता बचपन पुराने मकान में रची-बसी होती हैं भरे-पूरे परिवार की यादें दादा-दादी का लाड़-प्यार चाचा-ताऊ की सुरक्षा चाची-ताई की हँसी-ठिठोली और हमउम्र बच्चों ...

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लेखक के बारे में
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मालती मिश्रा

तन मेरा एक कलम है साँसें स्याही हैं इसमें भावों के शब्द प्रस्फुटित होते तब जीवन साकार हूँ... कौन हूँ मैं? क्या हूँ? मेरी कोई पहचान नहीं आठ अरब के इस जहान में.. एक तुच्छ जीवन का आधार हूँ मैं अदना सी कलमकार हूँ। मालती मिश्रा 'मयंती'✍️ जन्म तिथि- 30-10-1975 शिक्षा- एम० ए० हिन्दी प्रारंभिक व माध्यमिक शिक्षा- कानपुर, उत्तर प्रदेश निवास स्थान- दिल्ली संप्रति- अध्यापन रुचि- पठन व लेखन प्रकाशित पुस्तक- 'अन्तर्ध्वनि' (काव्य संग्रह), इंतजार 'अतीत के पन्नों से' (कहानी संग्रह), अधूरी कसमें (कहानी संग्रह), वो खाली बेंच (कहानी संग्रह) 'मैं ही सांझ और भोर हूं' (काव्य संग्रह) पेपर बैक और ई-बुक, नीली डायरी (ई-बुक), मयंती के उद्गार (काव्य संकलन) तथा ८ साझा संग्रह

समीक्षा
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    07 जनवरी 2022
    पुराना मकान मां की अनुपस्थिति में मां होता है, पिता के ना रहने पर पिता होता है, भाई बहनों के दूर होने पर हमजोली होता है। पुराना मकान जीवन होता है❤️ सुंदर लिखा दीदी आपने
  • author
    UMA SHARMA "अर्तिका"
    07 जनवरी 2022
    बहुत ही सारगर्भित और सार्थक पंक्तियां लिखी है 👌👌 मकान सिर्फ मकान नहीं होता,,,, हमारी यादों का हिस्सा होता है,,,,,,,, बहुत ही सुन्दर प्रस्तुति 👌👌👌
  • author
    राधा गोयल
    08 जनवरी 2022
    वाकई पुराने मकान से इतनी यादें जुड़ी हीती हैं कि वे भुलाए नहीं भूलतीं। खासकर लड़कियों को। लड़के विवाह के बाद भूल जाते हैं।
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    07 जनवरी 2022
    पुराना मकान मां की अनुपस्थिति में मां होता है, पिता के ना रहने पर पिता होता है, भाई बहनों के दूर होने पर हमजोली होता है। पुराना मकान जीवन होता है❤️ सुंदर लिखा दीदी आपने
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    UMA SHARMA "अर्तिका"
    07 जनवरी 2022
    बहुत ही सारगर्भित और सार्थक पंक्तियां लिखी है 👌👌 मकान सिर्फ मकान नहीं होता,,,, हमारी यादों का हिस्सा होता है,,,,,,,, बहुत ही सुन्दर प्रस्तुति 👌👌👌
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    राधा गोयल
    08 जनवरी 2022
    वाकई पुराने मकान से इतनी यादें जुड़ी हीती हैं कि वे भुलाए नहीं भूलतीं। खासकर लड़कियों को। लड़के विवाह के बाद भूल जाते हैं।