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प्रेम.... मिलन नहीं है

4.6
11396

मातमी में अचानक ही सनसनी फैल गई, ताउम्र कंवारे रहने वाले विशाल की मृत काया पर एक अनजान महिला आई और वहां उसने अपनी माथे की बिंदिया हटा दी और हाथों की चूड़ियाँ विशाल के शव के पास तोड़ दी, उसकी आँखों से ...

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लेखक के बारे में
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संजय नायक

बस लिखना ही तो आता है मुझे

समीक्षा
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  • कुल टिप्पणी
  • author
    poornika Sharma
    22 दिसम्बर 2018
    आपने प्रेम का सही अर्थ बताया है।किसी को पाना ही प्यार नहीं होता कभी कभी किसी को दूर रहकर चाहना भी प्रेम ही हैं चाहें वो इंसान मिले या ना मिले ।।।।। धन्यवाद ।।।।।।
  • author
    Hari Parkash
    26 सितम्बर 2019
    ऐसे प्रेम नहीं यह इश्क है जान बहुत देर तक निभाना पड़ता है आंसू निकालने पड़ते हैं निकालने क्या खुद निकल जाते हैं पर इस इश्क है इश्क जैसा दुनिया में कुछ नहीं यह निष्पाप है
  • author
    Dr. Santosh Chahar "ज़ोया"
    28 फ़रवरी 2019
    प्रेम के सही मायने। प्रेम संसारिक बंधन का मोहताज़ नहीं।
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    poornika Sharma
    22 दिसम्बर 2018
    आपने प्रेम का सही अर्थ बताया है।किसी को पाना ही प्यार नहीं होता कभी कभी किसी को दूर रहकर चाहना भी प्रेम ही हैं चाहें वो इंसान मिले या ना मिले ।।।।। धन्यवाद ।।।।।।
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    Hari Parkash
    26 सितम्बर 2019
    ऐसे प्रेम नहीं यह इश्क है जान बहुत देर तक निभाना पड़ता है आंसू निकालने पड़ते हैं निकालने क्या खुद निकल जाते हैं पर इस इश्क है इश्क जैसा दुनिया में कुछ नहीं यह निष्पाप है
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    Dr. Santosh Chahar "ज़ोया"
    28 फ़रवरी 2019
    प्रेम के सही मायने। प्रेम संसारिक बंधन का मोहताज़ नहीं।