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प्रेम कविता

4.3
755

ये सच है तमाम कोशिशों के बावजूद कि मैंने नहीं लिखी है एक भी प्रेम कविता बस लिखा है राशन के बिल के साथ साथ बिताए लम्हों का हिसाब, लिखी हैं डायरी में दवाइयों के साथ, तमाम असहमतियों की भी एक्सपायरी ...

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लेखक के बारे में
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अंजू शर्मा

[email protected] कुल आठ किताबें प्रकाशित हो चुकी हैं। दो जल्दी ही आने वाली हैं। जिनमें दो कविता संग्रह, पाँच कहानी संग्रह, तीन उपन्यास हैं। बहुत सारे पुरस्कारों से सम्मानित, साहित्य के क्षेत्र में करीब पंद्रह वर्ष से खूब सक्रिय नाम।

समीक्षा
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    आपकी रेटिंग

  • कुल टिप्पणी
  • author
    27 जून 2020
    पता नहीं लोग संकोच क्यों करते हैं ५ सितारे दर्ज करने में, इतनी बेहतरीन पंक्तियों का तो वैसे हम आकलन कर नहीं सकते किसी पैमाने में पर जो उच्चतम अंक हम दे सकते हैं उसमें परहेज किस बात का । मैं तो आपका फैन हो गया हुं सच में । जिस बेबाकी से आपने इस उम्र की ख्वाहिशों का वर्णन किया है वो काबिले तारीफ है ।
  • author
    Jai Sharma
    01 अगस्त 2020
    अंजु जी हमने आपकी कविता प्रेम कविता पढ़ी जो अच्छा लगा ।कविता बहुत अच्छी थी ।शुक्रया
  • author
    Dr Vishal Srivastava "नादान"
    09 मार्च 2019
    हर पंक्ति में बहुत पीड़ा है,
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    27 जून 2020
    पता नहीं लोग संकोच क्यों करते हैं ५ सितारे दर्ज करने में, इतनी बेहतरीन पंक्तियों का तो वैसे हम आकलन कर नहीं सकते किसी पैमाने में पर जो उच्चतम अंक हम दे सकते हैं उसमें परहेज किस बात का । मैं तो आपका फैन हो गया हुं सच में । जिस बेबाकी से आपने इस उम्र की ख्वाहिशों का वर्णन किया है वो काबिले तारीफ है ।
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    Jai Sharma
    01 अगस्त 2020
    अंजु जी हमने आपकी कविता प्रेम कविता पढ़ी जो अच्छा लगा ।कविता बहुत अच्छी थी ।शुक्रया
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    Dr Vishal Srivastava "नादान"
    09 मार्च 2019
    हर पंक्ति में बहुत पीड़ा है,