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प्रेम कण

4.3
434

देह उदास थी चमड़ियों के नीचे दबा था व्यथित जीवन तुमने पहले में संवेदना दूसरे में भावना तीसरी परत में प्रेम लिखा व्यथित जीवन अपने होंठों को काटते हुए मुस्कुराना सीख तुम्हें अपनी बांहों में कसा अपनी...

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लेखक के बारे में
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संजय शेफर्ड

संजय शेफर्ड, जन्म - उत्तरप्रदेश के गोरखपुर जनपद में। विद्यालयी शिक्षा जवाहर नवोदय विद्यालय गोरखपुर / भारतीय मीडिया संस्थान दिल्ली से पत्रकारिता / जेवियर इंस्टिट्यूट ऑफ कम्युनिकेशन मुंबई से सृजनात्मक लेखन । कार्यक्षेत्र - एशिया के विभिन्न देशों में शोधकार्य, व्यवसायिकतौर पर मीडिया एंड टेलीविजन लेखन, साहित्य, सिनेमा, रंगमंच एवं सामाजिक कार्य में विशेषरुचि।विभिन्न पत्र पत्रिकाओं, टेलीविजन एवं आकाशवाणी से रचनाओं का प्रसारण। नुक्कड़ नाटकों का निर्देशन। 25 से अधिक नाटकों का लेखन। http://lekhniyan.blogspot.in https://www.facebook.com/Sanjaishepherd Email - sanjayshepherd@outlook.com संपर्क - 8373937388

समीक्षा
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    आपकी रेटिंग

  • कुल टिप्पणी
  • author
    कुमार अभिनंदन
    16 जनवरी 2020
    अच्छा है
  • author
    Yogesh motivational video
    07 जून 2023
    बहुत अच्छे अनुभव से लिखा है ऐसा महसूस हो रहा है मैं नहीं जानता कि काल्पनिक है या अपने अनुभव से लिखा है किंतु पढ़ने से तो अनुभव ही झलक रहा है
  • author
    Dr. Vishal Chauhan
    03 अप्रैल 2019
    क्या बात है 👍👍
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    कुमार अभिनंदन
    16 जनवरी 2020
    अच्छा है
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    Yogesh motivational video
    07 जून 2023
    बहुत अच्छे अनुभव से लिखा है ऐसा महसूस हो रहा है मैं नहीं जानता कि काल्पनिक है या अपने अनुभव से लिखा है किंतु पढ़ने से तो अनुभव ही झलक रहा है
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    Dr. Vishal Chauhan
    03 अप्रैल 2019
    क्या बात है 👍👍