pratilipi-logo प्रतिलिपि
हिन्दी

प्रकृति की आवाज़

5
21

This poem is a way to present the sorrow of our nature that cause due to negligence of Human being

अभी पढ़ें
लेखक के बारे में

यूं तो मैं B.H.U. से B.com(Hons) मे ग्रेजुएट हूं लेकिन कविता और शायरी लिखना मेरा अनजाना शौख़ है, तो बस टुटे फुटे शब्दों मे अपनी मनोदशा लिख लेती हूँ।

समीक्षा
  • author
    आपकी रेटिंग

  • कुल टिप्पणी
  • author
    Vivek Mishra
    11 മാര്‍ച്ച് 2020
    प्रकृति की दशा का सुन्दर वर्णन शानदार
  • author
    Himanshu Jaiswal
    13 മാര്‍ച്ച് 2020
    बहुत खूब 😍😍😍
  • author
    shubham verma "Time"
    03 മാര്‍ച്ച് 2023
    बेहतरीन लेखन
  • author
    आपकी रेटिंग

  • कुल टिप्पणी
  • author
    Vivek Mishra
    11 മാര്‍ച്ച് 2020
    प्रकृति की दशा का सुन्दर वर्णन शानदार
  • author
    Himanshu Jaiswal
    13 മാര്‍ച്ച് 2020
    बहुत खूब 😍😍😍
  • author
    shubham verma "Time"
    03 മാര്‍ച്ച് 2023
    बेहतरीन लेखन