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हिन्दी

पूर्व - संस्कार

4.7
15984

सज्जनों के हिस्से में भौतिक उन्नति कभी भूल कर ही आती है। रामटहल विलासी, दुर्व्यसनी, चरित्राहीन आदमी थे, पर सांसारिक व्यवहारों में चतुर, सूद-ब्याज के मामले में दक्ष और मुकदमे-अदालत में कुशल थे। उनका ...

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लेखक के बारे में

मूल नाम : धनपत राय श्रीवास्तव उपनाम : मुंशी प्रेमचंद, नवाब राय, उपन्यास सम्राट जन्म : 31 जुलाई 1880, लमही, वाराणसी (उत्तर प्रदेश) देहावसान : 8 अक्टूबर 1936 भाषा : हिंदी, उर्दू विधाएँ : कहानी, उपन्यास, नाटक, वैचारिक लेख, बाल साहित्य   मुंशी प्रेमचंद हिन्दी के महानतम साहित्यकारों में से एक हैं, आधुनिक हिन्दी कहानी के पितामह माने जाने वाले प्रेमचंद ने स्वयं तो अनेकानेक कालजयी कहानियों एवं उपन्यासों की रचना की ही, साथ ही उन्होने हिन्दी साहित्यकारों की एक पूरी पीढ़ी को भी प्रभावित किया और आदर्शोन्मुख यथार्थवादी कहानियों की परंपरा कायम की|  अपने जीवनकाल में प्रेमचंद ने 250 से अधिक कहानियों, 15 से अधिक उपन्यासों एवं अनेक लेख, नाटक एवं अनुवादों की रचना की, उनकी अनेक रचनाओं का भारत की एवं अन्य राष्ट्रों की विभिन्न भाषाओं में अन्यवाद भी हुआ है। इनकी रचनाओं को आधार में रखते हुए अनेक फिल्मों धारावाहिकों को निर्माण भी हो चुका है।

समीक्षा
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    आपकी रेटिंग

  • कुल टिप्पणी
  • author
    Ranjana Agarwal
    05 फ़रवरी 2019
    बहुत सुंदर कहानी।अब तो ऐसी कहानियां पढने को नहीं मिलती।
  • author
    Vandana Tewari
    20 अप्रैल 2018
    शिक्षा प्र द
  • author
    Jyoti Jyoti
    04 फ़रवरी 2019
    I am speech less nice story
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    Ranjana Agarwal
    05 फ़रवरी 2019
    बहुत सुंदर कहानी।अब तो ऐसी कहानियां पढने को नहीं मिलती।
  • author
    Vandana Tewari
    20 अप्रैल 2018
    शिक्षा प्र द
  • author
    Jyoti Jyoti
    04 फ़रवरी 2019
    I am speech less nice story