pratilipi-logo प्रतिलिपि
हिन्दी

पूछते हो दर्द का क्यूँ सिलसिला हूँ

4.3
3874

पूछते हो दर्द का क्यूँ सिलसिला हूँ सुर्ख़ियों में आ गया मैं क्यूँ भला हूँ।1 जानने की चाह रखते हो सुखनवर कौन माटी का भला मैं भी गढ़ा हूँ।2 माँगने की तो कभी आदत नहीं थी पुंज बनकर रौशनी का बस जला हूँ।3 ...

अभी पढ़ें

Hurray!
Pratilipi has launched iOS App

Become the first few to get the App.

Download App
ios
लेखक के बारे में
author
मनन सिंह
समीक्षा
  • author
    आपकी रेटिंग

  • कुल टिप्पणी
  • author
    अरुणा जांगड़ा
    28 ஜூலை 2019
    wah!bahut khub.....👏👏👏
  • author
    नीतू सिंह
    11 அக்டோபர் 2018
    Bhut sundar rachna hai
  • author
    Deepika Bhardwaj
    02 அக்டோபர் 2018
    बहुत सुंदर पंक्तियां हैं।
  • author
    आपकी रेटिंग

  • कुल टिप्पणी
  • author
    अरुणा जांगड़ा
    28 ஜூலை 2019
    wah!bahut khub.....👏👏👏
  • author
    नीतू सिंह
    11 அக்டோபர் 2018
    Bhut sundar rachna hai
  • author
    Deepika Bhardwaj
    02 அக்டோபர் 2018
    बहुत सुंदर पंक्तियां हैं।