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पिता पुत्री।।

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मेरे पापा की थपकी.... जब भी कभी मैं थकती हूँ, याद पापा की थपकी करती हूँ।। जब मैं छोटी बच्ची थी, अकल से पूरी कच्ची थी, पर मन से मैं सच्ची थी, पापा की बेटी अच्छी थी, पर अब ना ही मैं बच्ची हूँ, और ...

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लेखक के बारे में
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Shrishti pandey
समीक्षा
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    आपकी रेटिंग

  • कुल टिप्पणी
  • author
    Anjani Tripathi
    14 मई 2020
    बहुत सुंदर रचना । पिता पुत्री के भावनात्मक संबंधों का सुंदर चित्रण।🌹🌹💗
  • author
    BHUSHAN KHARE
    14 मई 2020
    बेहतरीन रचना ।अच्छी शैली और बेहतर शब्द संयोजन।
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    Anjani Tripathi
    14 मई 2020
    बहुत सुंदर रचना । पिता पुत्री के भावनात्मक संबंधों का सुंदर चित्रण।🌹🌹💗
  • author
    BHUSHAN KHARE
    14 मई 2020
    बेहतरीन रचना ।अच्छी शैली और बेहतर शब्द संयोजन।