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पहला प्यार और दूसरी शादी

4.8
101695

मेरा दावा है, कहानी पूरी पढ़कर आप अपनी आंखों को नम होने से रोक कर दिखाइए। इस कहानी को बेक टू बेक दो तीन बार पढ़िए, हर बार नयापन व आंखें नम जरूर होंगी।

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लेखक के बारे में
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विनीत शर्मा

पेशे से चिकित्सक, साहित्य में अज्ञानी। त्रुटियों के लिए स्पर्शक की क्षमा प्रार्थना 🙏🙏 . आपत्ति दर्ज करने या सुझाव के लिए आप मेरे फोन पर भी संपर्क साध सकते हैं। 9999656568

समीक्षा
  • author
    आपकी रेटिंग

  • कुल टिप्पणी
  • author
    🇦🅿🅰🆁🅽🅰 "लहर"
    28 ഡിസംബര്‍ 2018
    बेहद बेहतरीन कहानी।ऐसा लगा कहानी नहीं हकीकत हो।बड़ी ही बारीकियां संजोकर लिखी गई कहानी।मन करा की इस कहानी का कोई किरदार बन जाऊं।बहुत ही लाजवाब लेखन।आंखे नम तो हुईं ही हैं,दिमाग में बहुत सी बातें भी उपजी हैं,क्या वास्तव में हम किसी को भी अपनी नज़रों से सही पहचान पाते हैं।कोई इंसान अपने मन,दिमाग में क्या सोचता है,आखिर उसका सही आंकलन हम कैसे कर सकते हैं।हम सिर्फ वही देखते हैं जो हमारा मस्तिष्क कहता है।उम्दा लेखन के लिए आपको शुभकामनाए 🙏
  • author
    Umesh Vishnoi
    07 ഫെബ്രുവരി 2019
    भाई क्या खूब लिखती है आपकी लेखनी, डायरी के 3-4 पन्नो तक तो कहानी boring लगी लेकिन उसके बाद तो आँसू रुकने का नाम ही नही ले रहे थे। एक बार फिर से आपकी लेखनी को सलाम!
  • author
    raju
    08 ഫെബ്രുവരി 2019
    pahle to main clear kr du ki es kahani k jo rating dena h wo km hi***** sach m kahani padh k khud ko rok nhi paya. main apne atit ko bhul kr ek nayi zindagi jeene ki koshis krunga.😘😘😥😥😍😙😫😓👌👌👌
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    🇦🅿🅰🆁🅽🅰 "लहर"
    28 ഡിസംബര്‍ 2018
    बेहद बेहतरीन कहानी।ऐसा लगा कहानी नहीं हकीकत हो।बड़ी ही बारीकियां संजोकर लिखी गई कहानी।मन करा की इस कहानी का कोई किरदार बन जाऊं।बहुत ही लाजवाब लेखन।आंखे नम तो हुईं ही हैं,दिमाग में बहुत सी बातें भी उपजी हैं,क्या वास्तव में हम किसी को भी अपनी नज़रों से सही पहचान पाते हैं।कोई इंसान अपने मन,दिमाग में क्या सोचता है,आखिर उसका सही आंकलन हम कैसे कर सकते हैं।हम सिर्फ वही देखते हैं जो हमारा मस्तिष्क कहता है।उम्दा लेखन के लिए आपको शुभकामनाए 🙏
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    Umesh Vishnoi
    07 ഫെബ്രുവരി 2019
    भाई क्या खूब लिखती है आपकी लेखनी, डायरी के 3-4 पन्नो तक तो कहानी boring लगी लेकिन उसके बाद तो आँसू रुकने का नाम ही नही ले रहे थे। एक बार फिर से आपकी लेखनी को सलाम!
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    raju
    08 ഫെബ്രുവരി 2019
    pahle to main clear kr du ki es kahani k jo rating dena h wo km hi***** sach m kahani padh k khud ko rok nhi paya. main apne atit ko bhul kr ek nayi zindagi jeene ki koshis krunga.😘😘😥😥😍😙😫😓👌👌👌