हम ना बात बात पर बहुत दुखी होते है। "और तब ज्यादा होते हैं जिसे हम या जो हमारे बहुत करीब होता है और वही हमारी ना सुने " या other than कि हमारे पास ये नही है, वो नही है, हम ना हर समय रोते रहते है ...
वाकई लाजवाब ! मुझे आपकी ये आर्टिकल बेहद अनहद पसंद आई। सबसे अच्छी बात मुझे यह लगी कि, इसमें कोई भी लिखा हुआ शब्द बनावटी या घुमावदार तरीके से नहीं है। पारदर्शी हैं। आपने ट्रांसपेरेंट वर्ड का यूज कर इस आर्टिकल को लिखा है। और बेहद जायज़ और सही भी लिखा है। मुझे जहां तक आशा है... आपने अपने उजनी अनुभव को संजोया है। जिसे अब आप फॉलो करने लगे हैं। आपको ढेर सारी बधाई बहुत खूब। 👌👌🌸🌸🌸💐💐🙏🏻🙏🏻
रिपोर्ट की समस्या
सुपरफैन
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बड़ा अच्छा लिखते हो, पर बीच बीच में जो शायरी उपयोग करते हो, उसके अंत में शायर का नाम भी दो..! कितना अच्छा शेर था बशीर बद्र साहब का "परखना मत, परखने में कोई अपना नहीं रहता.." उन्ही का इसी ग़ज़ल का एक शेर और है कि
" हजारों शेर मेरे सो गये कागज की कब्रों में
अजब मां हूं कोई बच्चा मेरा ज़िन्दा नहीं रहता.."
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