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पाषाण पिघला

4.4
631148

मैं जब शादी होकर ससुराल आई , तो मैंने देखा वहां पर मेरी बड़ी ननद का राज चलता है । और हर कोई उन्हीं की बात मानता था , कोई उनके सामने किसी बात पर बहस नहीं करता था । मैंने अपने पति से बात करने की ...

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लेखक के बारे में
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नंदिनी

मेरे किरदार मेरे दिल , मेरे आस पास से निकलते है । वो मुझसे जुड़े हुये से लगते है , उनके साथ साथ मैं भी उनकी जिंदगी जीने लगती हू।

समीक्षा
  • author
    आपकी रेटिंग

  • कुल टिप्पणी
  • author
    Gurmeet Mehta
    20 ఏప్రిల్ 2019
    जब लोग अच्छा लिखते है तो पढ़ने वाले भी अच्छा आचरण करते है
  • author
    Ankita Dewan
    03 జులై 2018
    दिल को छु देने वाली कहानी है..पढ़ते वक़्त मेरी तो AANKHEIN BHAR AAYI..
  • author
    ajay
    18 ఏప్రిల్ 2019
    क्या अच्छा हो कि कल्पना वास्तविकता में बदल जाये।
  • author
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  • author
    Gurmeet Mehta
    20 ఏప్రిల్ 2019
    जब लोग अच्छा लिखते है तो पढ़ने वाले भी अच्छा आचरण करते है
  • author
    Ankita Dewan
    03 జులై 2018
    दिल को छु देने वाली कहानी है..पढ़ते वक़्त मेरी तो AANKHEIN BHAR AAYI..
  • author
    ajay
    18 ఏప్రిల్ 2019
    क्या अच्छा हो कि कल्पना वास्तविकता में बदल जाये।