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परवाना💖💖

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तिरी निस्बत में सर रख कर सभी कीमत चुकानी हैं। मिरी ये ज़ीस्त अब तो तेरी ही तो जावेदानी है। हैं कितने राज़ इस दिल के दबे हैं कितनी परतों में। सभी की ज़ीस्त की अपनी अलग ही तो कहानी है।। वाह वाह वाह ...

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लेखक के बारे में
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Neelam Sharma
समीक्षा
  • author
    आपकी रेटिंग

  • कुल टिप्पणी
  • author
    Aamod SharmA "Agyat"
    02 अक्टूबर 2025
    दिलकश व दिलचस्प लग रही है कहानी ,,
  • author
    महारानी
    13 सितम्बर 2025
    बेहतरीन रचना का सृजन
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    Aamod SharmA "Agyat"
    02 अक्टूबर 2025
    दिलकश व दिलचस्प लग रही है कहानी ,,
  • author
    महारानी
    13 सितम्बर 2025
    बेहतरीन रचना का सृजन