परोपकार “पर्मोधर्मों “ यह विचार सभी धर्मों से मान्यता प्राप्त है । दूसरों का भला करना मानव की सच्ची सेवा है । परोपकार से सद्भावना का संचार होता है । निस्स्वार्थ भाव से किया कोई काम आत्मीयता का आभास ...
लेखक ने परोपकार को ईश्वर की उपासना बताया है। निस्वार्थ भाव से किया परोपकार सुसंस्कृत मानव की अनुपम उपलब्धि है। परोपकार से मानव की सच्ची सेवा होती है। लेखक ने अपने विचारों से परोपकार को मानव मूल्यों का एक अलौकिक स्वरूप कहा है। 👌👌👌पठनीय रचना🙏🌹
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लेखक ने परोपकार को ईश्वर की उपासना बताया है। निस्वार्थ भाव से किया परोपकार सुसंस्कृत मानव की अनुपम उपलब्धि है। परोपकार से मानव की सच्ची सेवा होती है। लेखक ने अपने विचारों से परोपकार को मानव मूल्यों का एक अलौकिक स्वरूप कहा है। 👌👌👌पठनीय रचना🙏🌹
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