आज पांडेय जी का रक्तचाप छलांगे मारने को बेताब था।हुआ क्या क़ि इन दिनों पांडेय जी का ब्लड प्रेशर अचानक से बढ़ जाता और अचानक से थम जाता।वे आये दिन किचन में पाए जाने लगे।जब देखो उनका मुंह चलता रहता।उनको ...

प्रतिलिपिआज पांडेय जी का रक्तचाप छलांगे मारने को बेताब था।हुआ क्या क़ि इन दिनों पांडेय जी का ब्लड प्रेशर अचानक से बढ़ जाता और अचानक से थम जाता।वे आये दिन किचन में पाए जाने लगे।जब देखो उनका मुंह चलता रहता।उनको ...