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पागल

4.2
29127

माँ-बाप,बड़े भाई-बहन "पागल"कह कर उसकी खिल्ली उड़ाते।वह कुछ भी कहता-करता सभीएक-एक कर उसे डांटते-फटकारते ये मत कर वो मत कर काम बिगाड़ेेगा क्या ?चल हट परेतुझ में दिमाग ही नहीं है "पागल"कहीं का"।जब तुझ पर...

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लेखक के बारे में
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Dr. Mahendra Singh
समीक्षा
  • author
    आपकी रेटिंग

  • कुल टिप्पणी
  • author
    Dilip Pardeshi
    23 जनवरी 2019
    ऐसा लगा जैसे यह मेरी अपनी कहानी है
  • author
    Neerja Dhawan
    01 जनवरी 2019
    सरल व्यक्ति समाज में पागल ही कहलाता है
  • author
    DrSukhda Sharma
    16 फ़रवरी 2019
    Inti achhi lagi कहानी की पढ़ते रोना आ गया सुन्दरता मन और कर्म से होती हैं आम लोग नहीं समझ सकते
  • author
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  • author
    Dilip Pardeshi
    23 जनवरी 2019
    ऐसा लगा जैसे यह मेरी अपनी कहानी है
  • author
    Neerja Dhawan
    01 जनवरी 2019
    सरल व्यक्ति समाज में पागल ही कहलाता है
  • author
    DrSukhda Sharma
    16 फ़रवरी 2019
    Inti achhi lagi कहानी की पढ़ते रोना आ गया सुन्दरता मन और कर्म से होती हैं आम लोग नहीं समझ सकते