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नि:स्वार्थ सेवा💐🙏

4.9
11

कौन कहता है जिंदगी में .. ..           ..कभी खुशहाली नहीं होती.. मौसम में बहार और फिजाओं में.. ...                      हरियाली नहीं आती.. जो करते हैं बुजुर्गों की निस्वार्थ सेवा ...          ...

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लेखक के बारे में
author
Rita Rajput

कभी किसी को मुकम्मल जहाँ नहीं मिलता, कहीं जमीं तो कहीं आसमां नहीं मिलता।।

समीक्षा
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  • कुल टिप्पणी
  • author
    निरंजना जैन
    06 मई 2022
    रीता राजपूत जी,बहुत ही प्रेरक और सुंदर अभिव्यक्ति।👌👌👌👌
  • author
    06 मई 2022
    बिल्कुल सही
  • author
    Mohan Lal
    06 मई 2022
    वाहजी, वाक़ई, लाज़वाब, बेहतरीन अभिव्यक्ति जी ज़नाब। उम्दा लेखन करते हैं आपजी। निष्काम निरिच्छित सेवा तो, इक रब्बी वरदान है। जो होती समर्पणपन से,न आता कभी अभिमान है। निष्फल हों कर्म यूं 'मोहन',जे रहता रब्बी ध्यान है। रब में वे इकमिकता पाते, होता सबका कल्यान है। हमने भी टॉपिक पर रचना लिखी है, कृपया पढ़कर समुचित समीक्षा अवश्य करें।
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    निरंजना जैन
    06 मई 2022
    रीता राजपूत जी,बहुत ही प्रेरक और सुंदर अभिव्यक्ति।👌👌👌👌
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    06 मई 2022
    बिल्कुल सही
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    Mohan Lal
    06 मई 2022
    वाहजी, वाक़ई, लाज़वाब, बेहतरीन अभिव्यक्ति जी ज़नाब। उम्दा लेखन करते हैं आपजी। निष्काम निरिच्छित सेवा तो, इक रब्बी वरदान है। जो होती समर्पणपन से,न आता कभी अभिमान है। निष्फल हों कर्म यूं 'मोहन',जे रहता रब्बी ध्यान है। रब में वे इकमिकता पाते, होता सबका कल्यान है। हमने भी टॉपिक पर रचना लिखी है, कृपया पढ़कर समुचित समीक्षा अवश्य करें।