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निरंकुरित बीज

4.3
362

ये जो मैल से चीकट कपड़ों में लिपटे बच्चे हैं इनके अन्दर सोया है एक निरंकुरित बीज इस बीज में बन्द है एक हताश अंकुर हरित-क्रंाति के सपने संजोये बाहरी दुनिया देखने को फड़फड़ाता हुआ यह बीज बिना...

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समीक्षा
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    आपकी रेटिंग

  • कुल टिप्पणी
  • author
    Jai Sharma
    06 जून 2025
    राधे राधे मिश्रा जी को बहुत बढ़िया बहुत ख़ूब जी
  • author
    Satyendra Kumar Upadhyay
    23 अक्टूबर 2015
    अत्यंत सारयुक्त व प्रासंगिक ।
  • author
    Manjit Singh
    20 अप्रैल 2022
    गरीबों की दास्तान
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  • author
    Jai Sharma
    06 जून 2025
    राधे राधे मिश्रा जी को बहुत बढ़िया बहुत ख़ूब जी
  • author
    Satyendra Kumar Upadhyay
    23 अक्टूबर 2015
    अत्यंत सारयुक्त व प्रासंगिक ।
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    Manjit Singh
    20 अप्रैल 2022
    गरीबों की दास्तान