pratilipi-logo प्रतिलिपि
हिन्दी

nayab dosti jo kisi ne na smjhi jo na kisi ne jani

4
56
short story

ajeeb va dilchasp dosti ki kahani .do doston ki kahani. ek dost jiska nam h tanhai or usi se anjan dusri dost jiska nam h khamoshi. kabhi rubaru nhi huye, ye ek dusre se par sath har pal ka hai. par ...

अभी पढ़ें
लेखक के बारे में
author
pallavi singh

बयान न हो सके जो क़िस्से वो अक़सर काग़ज़ों पर उतरते हैं।

समीक्षा
  • author
    आपकी रेटिंग

  • कुल टिप्पणी
  • author
    18 एप्रिल 2019
    ईश्वर या कला की किसी देवी ने आपको लेखन कला का गुण भेंट- स्वरुप प्रदान किया है, आपको पढ़ कर ऐसा प्रतीत होता है। आपमें विचारशीलता और घटनाओं को शब्दों के पैराहन पहना कर व्यक्त करने की अपूर्व क्षमता है, पर अभी क़लम में पुख़्तगी नही आयी है बस। आप जब हिन्दी ही लिखती हैं तो हिन्दी लिपि का फॉन्ट भी उपयोग करें। यह अच्छा लगेगा। उज्जवल भविष्य की अशेष शुभकामनाएं!
  • author
    ANAMIKA
    18 एप्रिल 2019
    Very nice
  • author
    Aisha Khatoon "Alhaaz"
    31 मे 2019
    touchy👏
  • author
    आपकी रेटिंग

  • कुल टिप्पणी
  • author
    18 एप्रिल 2019
    ईश्वर या कला की किसी देवी ने आपको लेखन कला का गुण भेंट- स्वरुप प्रदान किया है, आपको पढ़ कर ऐसा प्रतीत होता है। आपमें विचारशीलता और घटनाओं को शब्दों के पैराहन पहना कर व्यक्त करने की अपूर्व क्षमता है, पर अभी क़लम में पुख़्तगी नही आयी है बस। आप जब हिन्दी ही लिखती हैं तो हिन्दी लिपि का फॉन्ट भी उपयोग करें। यह अच्छा लगेगा। उज्जवल भविष्य की अशेष शुभकामनाएं!
  • author
    ANAMIKA
    18 एप्रिल 2019
    Very nice
  • author
    Aisha Khatoon "Alhaaz"
    31 मे 2019
    touchy👏