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नारी

4.4
639

मैं एक नारी हूँ..... बहुत अभागी हूँ..... दर - दर भटकती हूँ..... कितनी ही जगह पैरो से कुचली जाती हूँ..... तब कहीं इस दुनिया में आती हूँ..... और आते ही पराया धन हो जाती हूँ..... बड़ी मुशिकल से उड़ती ...

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लेखक के बारे में

नाम- अंजली अग्रवाल पिता- स्व. श्री मोतीराम अग्रवाल माता- श्रीमति मिथलेश देवी अग्रवाल परिवार - 9 बहन, 1 भार्इ  जन्म- 25-05-1990 शिक्षा - एम. काम विधा - कविता और लेख  प्रकाशन - रचानाकार , स्वर्गविभा प्रेरणा दायक - परिवार सम्र्पक - अंजली अग्रवाल वार्ड न. 12 बाजार मोहल्ला परासिया 480441 जिला - छिन्दवाडा़ म.प्र.  

समीक्षा
  • author
    आपकी रेटिंग

  • कुल टिप्पणी
  • author
    Sweta Pant "Seemu"
    28 अगस्त 2022
    अति सुंदर भावपूर्ण कविता 👌 कृपया मेरी कविताओं और कहानियों को पढ़कर अपनी राय प्रदान कीजिएगा|
  • author
    Sanjukta Pandey
    22 अगस्त 2019
    बहुत सही व्यथा .....हर नारी की..
  • author
    sagar singh
    18 जनवरी 2019
    बहुत खूब और भी लिखें ऐसी ही कविताएं
  • author
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  • author
    Sweta Pant "Seemu"
    28 अगस्त 2022
    अति सुंदर भावपूर्ण कविता 👌 कृपया मेरी कविताओं और कहानियों को पढ़कर अपनी राय प्रदान कीजिएगा|
  • author
    Sanjukta Pandey
    22 अगस्त 2019
    बहुत सही व्यथा .....हर नारी की..
  • author
    sagar singh
    18 जनवरी 2019
    बहुत खूब और भी लिखें ऐसी ही कविताएं