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नाम में क्या रखा है

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2397

बहुत दिनों बाद घर के कामों का आज जल्दी निबटारा हो गया था। बालकोनी में बैठ कर कई दिनों से पड़ी हुईं किताबों और अख़बारों को देखना शुरू किया। यूँ तो बासी अखबारों को देखना ठीक नहीं लगता पर उनमे से...

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लेखक के बारे में
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कविता विकास

नाम - कविता विकास ( वरिष्ठ शिक्षिका और लेखिका ) शिक्षा - एम.ए. (अंग्रेजी ,अर्थशास्त्र ),बी. एड.,पी.जी.डी.(पत्रकारिता),सी टेट ब्लॉग लिंक - काव्य वाटिका http://kavitavikas.blogspot.in/ http://koylanagar.blogspot.in/ ई मेल- kavitavikas [email protected] कृतियाँ - दो कविता संग्रह (लक्ष्य और कहीं कुछ रिक्त है )प्रकाशित । साझा कविता संग्रह (हृदय तारों का स्पंदन ) ,(खामोश ,ख़ामोशी और हम ), (शब्दों की चहलकदमी) और (सृजक )प्रकाशित । दैनिक समाचार पत्र - पत्रिकाओं ,साहित्यिक पत्रिकाओं व लघु पत्रिकाओं में कविताएँ ,कहानियाँ ,लेख और विचार प्रकाशित ।ई -पत्रिकाओं में नियमित लेखन ।इंक़लाब ,दृष्टिपात ,शब्ददूत,उत्कर्ष मेल, सम्यक भारत , वुमेन ऑन टॉप , शब्दिता ,हिंदी चेतना ,वटवृक्ष , माटी ,नव्या ,लोकसत्य,आज का अर्जुन ,मेट्रो उजाला , लोकजंग ,सद्भावना सन्देश ,वाकधारा, अभिनव मीमांसा ,यादें, युग गरिमा , सृजनलोक ,अभिनव इमरोज़ , एक और अंतरीप ,हमारा तिस्ता - हिमालय , वार्तालोक ,अभिनव प्रयास ,नयी धारा , भव्य भास्कर, स्कैनर ,सन्मार्ग ,संवृद्ध सुखी परिवार ,संगम , अन्वेषी , प्रतिमान , अंजुम ,आधुनिक साहित्य ,सर्वप्रथम ,पूरी दुनिया , नए हस्ताक्षर, जागरण सखी , गृहलक्ष्मी ,मेरी सजनी ,वनिता, बिंदिया, दमखम , शब्द सरिता ,आधी आबादी , हिमतरु ,समकालीन स्पंदन ,जनसंदेश टाइम्स ,नव निकष ,इंडियन हेल्पलाइन ,बालहंस ,जनसत्ता , फेमिना ,गगनांचल , मध्य प्रदेश जनसंदेश ,दबंग दुनिया ,पूर्वांचल प्रहरी ,ट्रू मीडिया ,अटूट बंधन , नई दुनिया , दीवान मेरा,सिम्पली जयपुर, समाचार आलोकपर्व ,कल्पतरु एक्सप्रेस,मरुतृण ,हरिभूमि ,साहित्य यात्रा ,कादम्बिनी, अक्षर पर्व, परिकथा ,परिंदे , हिंदुस्तान, दैनिक जागरण ,अमर उजाला ,प्रभात खबर ,दैनिक भास्कर(मधुरिमा) और अन्य पत्रिकाओं में लेख और रचनाएं प्रकाशित सम्मान - विशिष्ट हिंदी सेवी सम्मान ,भारत गौरव सम्मान - २०१२,रंजन कलश शिव सम्मान ,नारायणी साहित्य अकादमी अवार्ड- 2012, राजीव गाँधी एक्सीलेंसी एवार्ड 2013, प्रभात खबर प्रतिभा सम्मान 2014, दैनिक जागरण संगिनी सम्मान सम्प्रति - डी . ए. वी . संस्थान,कोयलानगर,धनबाद अन्य उपलब्धियां - कोल इंडिया लिमिटेड ,स्टेट बैंक ऑफ़ इंडिया ,सी. बी .आई .,विद्यालयों , रेडियो स्टेशन, कवि सम्मलेन और अनेक संस्थानों के सांस्कृतिक कार्यक्रमों के लिए मंच संचालिका और उद्घोषिका का काम किया

समीक्षा
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  • कुल टिप्पणी
  • author
    11 अप्रैल 2020
    कभी-कभी अपने काम उसको सौंपकरसाड़ी को घुटने तक उठा कर बैठ जाती थी। ढल के आंचलऔर गोरे गोरे पैरों के नशे में। यथार्थ चित्रण। बहुत सुंदर कहानी। यद्यपि अनावश्यक रूप से लंबी। बहुत-बहुत धन्यवाद कविता जी।
  • author
    Pramila Joshi "जोशी"
    25 जुलाई 2020
    अति अति सुन्दर ,भावपूर्ण व उदाहरणीय रचना ।आपको बहुत-बहुत धन्यवाद जो जैसी अच्छी रचना पढने का अवसर हमे मिला। ।मुझे तो लगा कि मैं स्वर्गीय शिवानी जी की कहानी पढ रही हूँ।
  • author
    Avni saxena
    19 अगस्त 2020
    क्या.कहूं.मै.आपकी लेखनी.के विषय में.. बहुत बहुत बहुत शानदार......👏👏👏👏😍😍
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    11 अप्रैल 2020
    कभी-कभी अपने काम उसको सौंपकरसाड़ी को घुटने तक उठा कर बैठ जाती थी। ढल के आंचलऔर गोरे गोरे पैरों के नशे में। यथार्थ चित्रण। बहुत सुंदर कहानी। यद्यपि अनावश्यक रूप से लंबी। बहुत-बहुत धन्यवाद कविता जी।
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    Pramila Joshi "जोशी"
    25 जुलाई 2020
    अति अति सुन्दर ,भावपूर्ण व उदाहरणीय रचना ।आपको बहुत-बहुत धन्यवाद जो जैसी अच्छी रचना पढने का अवसर हमे मिला। ।मुझे तो लगा कि मैं स्वर्गीय शिवानी जी की कहानी पढ रही हूँ।
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    Avni saxena
    19 अगस्त 2020
    क्या.कहूं.मै.आपकी लेखनी.के विषय में.. बहुत बहुत बहुत शानदार......👏👏👏👏😍😍