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मुट्ठी भर चावल

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एक बच्चे की मुट्ठी मे भविष्य होता है अपना और अपने देश का। ये कहानी है हमारे देश के एक छोटे से गांव की, एक नन्हे से बच्चे की और मुट्ठीभर चावल की।

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लेखक के बारे में

सपनों की हकीकत ये है कि हकीकत में सपना देखने लगे हैं कि सपने हकीकत मे बदल रहे है।

समीक्षा
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    आपकी रेटिंग

  • कुल टिप्पणी
  • author
    सुमित कुमार
    23 अगस्त 2019
    बहुत ही रोचक कहानी है, लाला के कुकृत्य लाला के सामने आ गए , कृपया आप हमारी कहानी "संजोग एक प्रेम कथा पार्ट 2" जरूर पढ़ियेगा
  • author
    28 अप्रैल 2020
    बहुत ही मार्मिक हृदय को छूता हुआ रचना आपको बहुत साधुवाद इतनी प्रेणादायक कहानी उकेरने के लिए।
  • author
    Babu Gaikar
    31 दिसम्बर 2021
    अतिशय संवेदनशील और भावनात्मक कहानी है। सुंदर नहीं आति सुंदर। 👌👌👌👌👌👌
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  • author
    सुमित कुमार
    23 अगस्त 2019
    बहुत ही रोचक कहानी है, लाला के कुकृत्य लाला के सामने आ गए , कृपया आप हमारी कहानी "संजोग एक प्रेम कथा पार्ट 2" जरूर पढ़ियेगा
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    28 अप्रैल 2020
    बहुत ही मार्मिक हृदय को छूता हुआ रचना आपको बहुत साधुवाद इतनी प्रेणादायक कहानी उकेरने के लिए।
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    Babu Gaikar
    31 दिसम्बर 2021
    अतिशय संवेदनशील और भावनात्मक कहानी है। सुंदर नहीं आति सुंदर। 👌👌👌👌👌👌