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मृग - तृष्णा

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चंचल मन की विक्रति या है फिर मानस की प्रकृति, ढूँढता हूँ ... न कभी हुई है तृप्त , न शायद कभी होगी पूरी ..मेरी "मृग-तृष्णा" ... मेरी अभिव्यक्ति मे छिपी हो तुम , मेरे अंतरमन में बस गयी हो, हो तुम ज़हर ...

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लेखक के बारे में

"बचपन ,जवानी , बुढ़ापा और मौत एक दिन सब आना है, यादगारी के लिए एक फोटो, नाम और कागज़ी दस्तख़त ही रह जाना है , हूँ गुमनाम सा इंसान , कोई हस्ती नही है मेरी इस वक़्त, भीड़ में से ही हूँ एक, नाम है 'रजत' … " नाम : रजत श्रीवास्तव जन्म तिथि - 28 फरवरी , 1987 जन्म स्थान - झाँसी , उत्तर प्रदेश Current : Student MBA (XLRI - Jamshedpur) शिक्षा- बी.टेक (आईटी) व्यवसाय - 3 वर्ष Infosys Ltd. भाषाज्ञान- हिंदी,अंग्रेजी पारिवारिक परिचय माँ - श्रीमती रमा श्रीवास्तव पिता - स्वर्गीय राजेंद्र कुमार श्रीवास्तव E-mail : [email protected]

समीक्षा
  • author
    आपकी रेटिंग

  • कुल टिप्पणी
  • author
    Jayshree Rai
    23 फ़रवरी 2022
    बेहतरीन लेखनी👌👌👌👌👌👌
  • author
    Pinky Mishra
    02 अगस्त 2020
    wah !
  • author
    bisheshwar kumar
    13 अप्रैल 2020
    मन को छू गई
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  • author
    Jayshree Rai
    23 फ़रवरी 2022
    बेहतरीन लेखनी👌👌👌👌👌👌
  • author
    Pinky Mishra
    02 अगस्त 2020
    wah !
  • author
    bisheshwar kumar
    13 अप्रैल 2020
    मन को छू गई