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मोहन

4.3
22670

एक गरीब बुढिया थी | उसका एक जवान बेटा था मोहन | मोहन काफी आलसी था | वह पूरे दिन सोता रहता था | बेचारी बुढिया पूरे दिन मेहनत कर कमाकर पैसे लाती और फिर खाना बनाकर मोहन को खाने को देती | मोहन बिना ...

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लेखक के बारे में

स्टूडेंट @ स्टडी हॉल , लखनऊ

समीक्षा
  • author
    आपकी रेटिंग

  • कुल टिप्पणी
  • author
    Shalini Chowdhary
    02 दिसम्बर 2018
    छोटी पर बडी़ ही शिक्षाप्रद कहानी है, इसे कहते हैं गागर में सागर।लेखक आयुष्मान जी को बहुत धन्यवाद।
  • author
    Naziya Khan
    19 फ़रवरी 2021
    wahh maa to maa hoti he wo apne bachche ko achchhe tabiyat dena janti he or ma hi hoti he jo apne ghr k tour tarike bigad deti he
  • author
    Mrs Mamta Gupta
    11 जुलाई 2020
    .Mehnat ka fal meeta hota h ye to padha tha but itna sundar bhi hota h ye aapki story ne dikha diya thanks for sharing
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    Shalini Chowdhary
    02 दिसम्बर 2018
    छोटी पर बडी़ ही शिक्षाप्रद कहानी है, इसे कहते हैं गागर में सागर।लेखक आयुष्मान जी को बहुत धन्यवाद।
  • author
    Naziya Khan
    19 फ़रवरी 2021
    wahh maa to maa hoti he wo apne bachche ko achchhe tabiyat dena janti he or ma hi hoti he jo apne ghr k tour tarike bigad deti he
  • author
    Mrs Mamta Gupta
    11 जुलाई 2020
    .Mehnat ka fal meeta hota h ye to padha tha but itna sundar bhi hota h ye aapki story ne dikha diya thanks for sharing